रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में संदिग्ध करेंसी से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने जाली नोट नेटवर्क (Counterfeit currency network) शक के तहत राजेन्द्र नगर के अशोका मिलेनियम प्लाजा स्थित हंस ट्रैवल्स कार्यालय में पार्सल में छिपाकर रखी गई भारी नकदी बरामद की है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार को डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने राजेन्द्र नगर पुलिस को सूचना मिली थी कि कोलकाता से दिल्ली भेजे जा रहे एक पार्सल में संदिग्ध वस्तु मौजूद है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी वेस्ट संदीप पटेल के निर्देश पर थाना प्रभारी ने टीम के साथ मौके पर दबिश दी।
तलाशी के दौरान हंस ट्रैवल्स के कार्यालय से तीन सफेद रंग के बोरे बरामद किए गए, जिनमें बड़ी मात्रा में करेंसी नोट छिपाकर रखे गए थे। बरामद नोटों में 20 रुपये के नोटों की 400 गड्डियां और 10 रुपये के नोटों की 800 गड्डियां शामिल हैं। कुल बरामद राशि 16 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
पुलिस ने इस संदिग्ध नकदी को जब्त करते हुए धारा 106 बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बरामद राशि को लेकर आयकर विभाग को भी सूचना भेज दी गई है, वहीं नोटों की वास्तविक वैधता और स्रोत की जांच की जा रही है।
DRI की प्रारंभिक सूचना पर की गई इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह खेप कोलकाता से दिल्ली भेजी जा रही थी और इसमें उदय सिंह बिस्वाल नामक व्यक्ति की भूमिका सामने आ रही है, जबकि दिल्ली में कमल किशोर गुप्ता को इसे प्राप्त करना था।
प्रारंभिक जांच में यह मामला केवल सामान्य नकदी ट्रांसपोर्ट का नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है, जो जाली नोटों या संदिग्ध करेंसी के संचालन में सक्रिय हो सकता है। हालांकि, पुलिस और जांच एजेंसियां अभी हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि नोटों की फॉरेंसिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह रकम वैध है या किसी अवैध गतिविधि से जुड़ी हुई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।







