सेना के अफ़सर ने एप्स्टीन फ़ाइल में चर्चित कंपनी को घूसखोरी के बदले दिया लाभ

December 22, 2025 11:37 AM

Lens Exclusive, नई दिल्ली। 2.36 करोड़ की घूसखोरी के मामले में सेना के अफ़सर दीपक शर्मा के साथ दुबई की जिस कंपनी डीपी वर्ल्ड के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है उस कंपनी के चेयरमैन और सीईओ सुल्तान अहमद बिन सुलेयम के जैफरी एपस्टीन के बीच गहरे रिश्ते रहे हैं। सीबीआई का आरोप है कि DP World जो दुबई में स्थित एक ग्लोबल लॉजिस्टिक्स कंपनी है, वो भी घूसखोरी के इस पूरे खेल में शामिल पाई गई है। भारत में कंपनी राजीव यादव और रवजीत सिंह, बेंगलुरु से संभाल रहे हैं। ये दोनों अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक शर्मा के लगातार संपर्क में रहे और कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से सरकारी फेवर लेने के लिए साथ काम कर रहे थे।

सुल्तान को थी इस ठेके में रुचि

लेंस की तहक़ीक़ात में यह पता चला है कि कंपनी का चेयरमैन सुल्तान अहमद बिन सुलेयम दुबई भेजे जा रहे एक कंसाइनमेंट को विदेश मंत्रालय से अप्रूवल कराने में गहरी रुचि ले रहा था जिसके बदले में कथित तौर पर भारी रिश्वत देकर दीपक शर्मा ने अपने संपर्कों और प्रभावों का इस्तेमाल करते हुए वह अप्रूवल जारी भी करवा दिया। सुल्तान अहमद बिन सुलेयम वही व्यक्ति है जिसने एप्स्टीन को 2011 में ईमेल के आदान-प्रदान मे “बच्चों” और ग्राहकों की निगरानी के लिए जीपीएस ट्रैकिंग उपकरणों से लैस स्नीकर्स का सुझाव दिया, जिस पर एपस्टीन ने जवाब दिया था “धन्यवाद, बढ़िया विचार”।

डीपी वर्ल्ड की काली दुनिया

रिपोर्टों के अनुसार DP World ने ठेके हासिल करने के लिए किसी भी क़िस्म के गैरकानूनी उपायों से परहेज नहीं किया। सुल्तान अहमद और एपस्टीन ने 2007 से 2018 के बीच सैकड़ों ईमेल का आदान-प्रदान किया। यह पत्राचार केवल व्यावसायिक नहीं था; इसमें व्यक्तिगत अनुरोध, समाचार लेख साझा करना और मुलाकातों की योजनाएँ शामिल थीं। हाउस डेमोक्रेट्स द्वारा जारी की गई तस्वीरों में एपस्टीन को सुलेयम के साथ खाना बनाते हुए दिखाया गया है, जो बोर्डरूम की जान-पहचान से कहीं अधिक गहरी व्यक्तिगत अंतरंगता को उजागर करता है।

डीपी वर्ल्ड को आगे बढ़ाने के लिए सुलेयम ने एपस्टीन का इस्तेमाल अमेरिकी राजनीतिक सत्ता तक पहुंचने के लिए एक माध्यम के रूप में भी किया। जनवरी 2017 में, डोनाल्ड ट्रम्प के शपथ ग्रहण समारोह से कुछ ही दिन पहले, सुलेयम ने एपस्टीन को ईमेल भेजकर पूछा कि क्या उन्हें समारोह में शामिल होना चाहिए और सबसे महत्वपूर्ण बात, “क्या आपको लगता है कि ट्रम्प से हाथ मिलाना संभव होगा?” एपस्टीन ने जवाब दिया कि उन्हें इस बारे में बात करने के लिए फोन करना चाहिए, और बताया कि वहां बहुत सारे लोग मौजूद होंगे।

मई 2015 में, एपस्टीन को यौन अपराध के लिए दोषी ठहराए जाने के कई साल बाद, सुलेयम ने एलन मस्क से परिचय करने के लिए कथित तौर पर उन्हें ईमेल भेजकर एक बड़ी मदद मांगी। सुलेयम ने लिखा, “क्या आप मुझे एलन मस्क से मिलवा सकते हैं या उनसे कह सकते हैं कि वे मुझे अपनी कंपनी में किसी से मिलवा दें ताकि हम इस बारे में बात कर सकें?” 

कैसे दिया कर्नल को घूस

इधर भारत में सीबीआई की FIR के मुताबिक लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा, जो डिप्टी प्लानिंग ऑफिसर, इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड एक्सपोर्ट, डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस प्रोडक्शन्स, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार में तैनात हैं DP World पर लगातार कृपा करते रहे 8 दिसंबर को DP World के राजीव यादव ने दीपक शर्मा से संपर्क कर उनकी लोकेशन पूछी, ताकि तय की गई रिश्वत दी जा सके। बताया गया कि शर्मा ने अपने दिल्ली स्थित घर का पता भेज दिया और कहा कि वह रात 7 बजे के बाद उपलब्ध रहेंगे हालांकि, उस दिन रिश्वत की रकम नहीं दी जा सकी।लेकिन 18 दिसंबर 2025 को दूसरे प्रयास में रकम दे दी गई।

सबसे चौंकाने वाली जानकारी यह है कि दीपक शर्मा ने कथित तौर पर अपनी पत्नी को भी रिश्वत मिलने की बात बताई। उनकी पत्नी कर्नल काजल बाली 16 इन्फैंट्री डिवीजन ऑर्डनेंस यूनिट, श्री गंगानगर में तैनात हैं।

दीपक शर्मा के दिल्ली स्थित घर से 3 लाख की रिश्वत राशि के अलावा 2 करोड़ 26 लाख रुपये नकद बरामद हुए। वहीं श्रीगंगानगर स्थित ठिकाने से 10 लाख रुपये नकद बरामद हुए।

सीबीआई करेगी डीपी वर्ल्ड की जांच

द लेंस की जानकारी के मुताबिक अभी तक सीबीआई ने डीपी वर्ल्ड के दुबई में बैठे अधिकारियों के इस गंभीर मामले में संलिप्तता को लेकर किसी किस्म की कोई जांच नहीं शुरू की है हाँलाकि डीपी वर्ल्ड के इंडिया ऑपरेशन की जांच शुरू हो गई है। इस मामले में अनुमान लगाया जा रहा है कि इस मामले में और भी गिरफ़्तारियों हो सकती है।

इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि इतनी बड़ी रकम के आदान प्रदान की जानकारी निश्चित तौर पर कंपनी के चेयरमैन सुल्तान अहमद बिन सुलेयम को भी रही होगी। महत्वपूर्ण है कि राजीव यादव, जिनका सार्वजनिक प्रोफाइल उन्हें कंपनी में निदेशक के रूप में दिखाता है, और रवजीत सिंह जो कंपनी के भारत संचालन की देखभाल कर रहे हैं और बेंगलुरु में रहते हैं, दीपक शर्मा के नियमित संपर्क में थे।

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