Kotma accident: अनूपपुर जिले के कोतमा में शनिवार शाम को अग्रवाल लॉज की चार मंजिला इमारत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इमारत के मलबे से अब तक 2 शवों को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि 3 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हैं जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 9-9 लाख रुपए और घायलों को ढाई–ढाई लाख रुपए दिए जाने की घोषणा की है। राहत बचाव कार्य के लिए बनारस से 41 सदस्यीय विशेष टीम को बुलाया गया है, जो राहत बचाव कार्य में जुटी हुई है। घटना के बाद लोगों ने प्रशासन से सवाल किया है कि जब खुदाई हो रही थी उस दौरान क्या प्रशासन ने निरीक्षण किया था?
20 घंटों से चल रहा बचाव कार्य
कोतमा बस स्टैंड के सामने स्थित अग्रवाल लॉज शनिवार शाम 5 बजकर 36 मिनट पर अचानक भरभराकर गिर गई। जिस वक्त हादसा हुआ उस दौरान बगल की बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा था। बिल्डिंग में मजदूर काम पर लगे हुए थे, बिल्डिंग के गिरने से मजदूर मलबे के नीचे दब गए। घटना के कुछ देर बाद स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका के लोग घटना स्थल पर पहुंचे। प्रशासन ने कोतमा के आस– पास संचालित प्लांटों से राहत बचाव टीम को बुलाकर रेस्क्यू शुरू किया। शाम 6:20 मिनट पर मलबे से 2 शवों को निकाला गया। इसके कुछ देर बार तीन और व्यक्तियों को निकाला गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रशासनिक नाकामी, स्थानीयों में आक्रोश
घटना के तत्काल बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं होने के चलते स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोगों में आक्रोश रहा। पूर्व विधायक और जनता ने प्रशासन से नाराजगी व्यक्त की। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय दुकानदार और राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर मलबे की ओर दौड़े। बिना किसी सरकारी मदद या मशीनरी के, लोगों ने हाथों से पत्थर हटाकर घायलों को निकालना शुरू किया। सबसे शर्मनाक पहलू यह रहा कि आपदा के समय रक्षक मानी जाने वाली पुलिस घटना के आधे घंटे बाद मौके पर पहुँची। स्थानीय लोगों का का आरोप है कि आपातकालीन नंबरों पर कॉल करने के बावजूद रिस्पॉन्स नहीं मिला। प्रशासन को सक्रिय होने में करीब एक घंटा लग गया, जो मलबे में दबे लोगों की जिंदगी के लिए गोल्डन ऑवर साबित हो सकता था।कोतमा के पूर्व विधायक सुनील सराफ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रशासन की कछुए गति की चाल ने लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया। तत्काल किसी प्रकार की कार्रवाई शुरू नहीं की गई। हम सभी यहां मदद के लिए खड़े हुए हैं यदि हम एक–एक ईंट उठाएंगे तो भी मलबे में दबे लोगों को बचा लेंगे।
मंत्री, आला अफसर मौके पर मौजदू
इमारत ढहने के बाद से लगातार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का आना– जाना लगा हुआ है। घटना के बाद से राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल, प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार रात तीन बजे से मौके पर मौजदू हैं। साथ ही शहडोल कमिश्नर सुरभि गुप्ता, अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली, पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान भी मौके पर मौजदू हैं। अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने बताया कि हादसे में 2 व्यक्ति की मौत हुई है जबकि 3 लोग घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।बचाव कार्य जारी है।हनुमान दीन यादव और रामकृपाल यादव की इस हादसे में दुखद मौत हुई है। फिलहाल मलबा हटाने का काम जारी है। मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने की मुआवजे की घोषणा
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कोतमा में हुई घटना को लेकर संवेदनाएं प्रकट की उन्होंने X पर पोस्ट कर मृतकों के परिवार और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। उन्होंने लिखा कि कल कोतमा, अनूपपुर में हुए दुखद हादसे में काल-कवलित नागरिकों के परिजनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान से ₹4-4 लाख, संबल योजना के अंतर्गत ₹4-4 लाख एवं रेडक्रॉस से ₹1-1 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, घायलों को मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान से ₹2-2 लाख एवं रेडक्रॉस से ₹50-50 हजार राशि दी जाएगी। राज्य सरकार प्रभावित परिजनों के साथ खड़ी है। ईश्वर से दिवंगतों की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना है।
बनारस और भिलाई से बुलाई गई हैं टीमें
घटनास्थल पर एनडीआरएफ की टीम मलबा हटा रही है। रेस्क्यू टीम के कप्तान पवन साहू ने कहा कि जिला प्रशासन के निर्देश पर काम जारी है। आशंका है कि एक महिला का शव अब भी मलबे के नीचे दबा है। भूतल की मिट्टी दिखाई देने तक काम जारी रहेगा। डॉग स्क्वॉड के साथ मलबा हटाया जा रहा है। लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
ये है घटना का कारण
जानकारी के अनुसार, जांच में हादसे का मुख्य कारण लॉज के ठीक बगल में हो रही खुदाई को माना जा रहा है। जमीन मालिक रामनरेश गर्ग द्वारा बगल की जमीन पर गहरा गड्डा खोदकर निर्माण कराया जा रहा था। आशंका है कि इस खुदाई के कारण 10 साल पुरानी लॉज की नींव खिसक गई। जिसके चलते यह हादसा हुआ।
जेसीबी चालक को नहीं पता था पिता और मामा भी दबे हैं नीचे
तीन मंजिला इमारत अचानक भरभरा कर गिर जाने के बाद जेसीबी चालक हेमराज यादव रेस्क्यू करने पहुंचे थे। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि जहां वह मलबा हटा रहे हैं वहीं उनके पिता और मामा भी दबे हैं। हेमराज यादव ने बताया कि घटना के बाद से लगातार 3 घंटे तक कोतमा नगर पालिका की जेसीबी के माध्यम से रेस्क्यू कार्य में लगे हुए थे।अचानक 3 घंटे के बाद अस्पताल से फोन आया और पता चला कि उनके पिता और मामा मलबे में दबे हुए हैं और उनके पिता की मृत्यु हो गई है, जिनका शव मलबे से निकाल दिया गया है। जबकि उनके मामा का अभी तक कोई पता नहीं चला है। इसके बावजूद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लगातार रेस्क्यू कार्य में जुटे रहे।
रेस्क्यू कार्य लगातार जारी है
अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने बताया कि लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। अभी आधे घंटे का समय और लगेगा। घटना में 6 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। जिसमें से 3 की मौत हो चुकी है और 3 लोगों का इलाज चल रहा है। 2 घायलों को शहडोल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है और एक व्यक्ति का इलाज कोतमा अस्पताल में जारी है। शासन ने मृतकों के परिवारों और घायलों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है।
कोतमा थाना में अपराध हुआ दर्ज
अनूपपुर पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान ने बताया कि कल शाम को हुई घटना के बाद अग्रवाल लॉज और बगल के मकान मालिक के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। क्योंकि इन्होंने लोगों के सुरक्षा को अनदेखा करते हुए ऐसी हरकत की जिससे तीन लोगों की जान चली गई और तीन लोग घायल हैं। इसलिए कोतमा थाना में अपराध दर्ज किया गया है। रेस्क्यू का काम अभी भी जारी है। जब तक पूरा मलबा नहीं हट जाता तब तक कार्य जारी रहेगा।










