रायपुर। कथित शराब घोटाले में 385 दिन पहले गिरफ्तार किए गए छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा जेल से बाहर आ गए हैं। रिहाई के बाद उन्होंने कहा कि वे बस्तर के लोगों की आवाज हमेशा मजबूती से उठाते रहेंगे और किसी भी परिस्थिति में क्षेत्र के हितों से समझौता नहीं करेंगे।
जेल से बाहर आने के बाद कवासी लखमा का समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के लोग मौजूद रहे।
इस दौरान लखमा ने कहा कि वे बस्तर की जनता के लिए संघर्ष करते रहे हैं और आगे भी यह लड़ाई जारी रहेगी।
कवासी लखमा ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्होंने आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बताते हुए कहा कि आदिवासियों, किसानों और बस्तर के आम लोगों की आवाज उठाने की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने दोहराया कि वे किसी दबाव में नहीं आएंगे।
उन्होंने कहा, ‘बस्तर मेरी पहचान है। बस्तर के जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए मैं हमेशा खड़ा रहा हूं और आगे भी रहूंगा। जेल जाना मेरे हौसले को कमजोर नहीं कर सकता।’
रिहाई के बाद कवासी लखमा ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताया, जिन्होंने इस कठिन समय में उनका साथ दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वे बस्तर के विकास, आदिवासी अधिकारों और क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर और अधिक सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में इसे लेकर उत्साह देखा गया, वहीं समर्थकों ने इसे ‘सच की जीत’ बताया।
378 दिन जेल में रहे लखमा, सशर्त मिली है अंतरिम जमानत, छत्तीसगढ़ से रहना होगा बाहर
लखमा 378 दिनों से रायपुर सेंट्रल जेल रहे। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 15 जनवरी 2025 को उन्हें गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वे न्यायिक हिरासत में जेल में थे। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ से बाहर रहने की शर्त के साथ उन्हें जमानत दी है।
ईडी का आरोप है कि छत्तीसगढ़ में कथित तौर पर 2161 करोड़ के शराब घोटाले में लिप्त सिंडिकेट में कवासी लखमा शामिल थे। आरोप है कि कथित तौर पर एक सिंडिकेट को लाभ पहुंचाने के लिए राज्य की शराब नीति में बदलाव किया गया था। कवासी लखमा तब 2019 से 2023 तक आबकारी मंत्री थे और उनके खिलाफ दायर आरोप पत्र में कहा गया कि श्री लखमा ने अपने पद का दुरुपयोग किया था।
खबर है कि स्थानीय अदालतों से जमानत न मिलने पर कवासी लखमा की जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहां मंगलवार को ढाई घंटे सुनवाई उन्हें अंतरिम जमानत मिली है।
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