नई दिल्ली। भारत-अमेरिका ट्रेड डील और चार नए लेबर कोड के विरोध में देश भर में जारी हड़ताल का संसद तक असर दिखाई दिया। विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने गुरुवार को लोकसभा में जोरदार ढंग से विरोध जताने के बाद संसद परिसर में भी प्रदर्शन किया।
सदन शुरू होते ही पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने प्रश्नकाल आरंभ किया। तभी विपक्षी सांसद नारे लगाते हुए वेल में आ गए। इसी बीच कांग्रेस सांसद प्रभा मल्लिकार्जुन ने पूरक सवाल पूछा, जिसका जवाब ऊर्जा राज्यमंत्री श्रीपद नाईक ने दिया। तेन्नेटी ने विपक्ष से अपील की कि नारेबाजी बंद करें और सदन को चलने दें।

उन्होंने कहा, “कर्नाटक की आपकी महिला सांसद ने सवाल किया है। क्या आप नहीं चाहते कि महिला सदस्य अपना सवाल पूछे और उसका जवाब सदन में दिया जाए?” उन्होंने विपक्षी सदस्यों द्वारा सदन में तख्तियां लाने पर भी नाराजगी जताई और कहा कि यह सदन के नियमों के खिलाफ है। जब हंगामा थमा नहीं तो उन्होंने 12 बजे तक के लिए लोकसभा स्थगित कर दी।
विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में भी भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ प्रदर्शन किया और सरकार पर देश के हितों को ‘समर्पण’ करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महासचिव केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, द्रमुक के के.टी.आर. बालू, सपा के धर्मेंद्र यादव, जया बच्चन, भाकपा-माले के सुदामा प्रसाद समेत कई नेता मकर द्वार के पास जमा हुए। उन्होंने ‘ट्रैप डील’ लिखा बड़ा बैनर हाथ में उठाया था और ‘नरेन्द्र सरेंडर’ वाले पोस्टर भी दिखाए। विपक्षी सदस्यों ने “देश को बेचना बंद करो” जैसे नारे लगाए।










