रायपुर। नकटी गांव में हुई बेदखली और तोड़फोड़ के पीड़ितों को राज्यपाल का समय नहीं मिलने पर पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर (Mohammad Akbar) ने राज्यपाल के रवैये पर भी सवाल उठाए हैं।
मोहम्मद अकबर ने बयान जारी कर कहा कि नकटी गांव के प्रभावित ग्रामीण अपनी पीड़ा और मांगों को लेकर राज्यपाल से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के इस रवैये से प्रभावित परिवारों में गहरी निराशा है और उनसे ऐसी उम्मीद नहीं थी।
इसके साथ ही उन्होंने कार्रवाई को सरकार द्वारा विधानसभा में संवैधानिक और कानून सम्मत बताए जाने पर भी सरकार को घेरा।
पूर्व मंत्री अकबर ने विधानसभा में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के उस बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने नकटी गांव में हुई बेदखली और तोड़फोड़ की कार्रवाई को संवैधानिक और न्यायालयीन प्रक्रिया के अनुरूप बताया था।
अकबर ने कहा कि ‘संविधान किसी को बुलडोजर चलाने का अधिकार नहीं देता, बल्कि नागरिकों को संपत्ति रखने का अधिकार देता है। नकटी के ग्रामीणों की संपत्ति पर बुलडोजर चलाकर उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन किया गया है।’
गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल प्रभावित ग्रामीणों के साथ राज्यपाल से मुलाकात करने लोकभवन पहुंचा था।
कांग्रेस का आरोप है कि दो बार पत्र सौंपने के बावजूद मुलाकात का समय नहीं मिला, जिसके बाद पार्टी नेताओं ने राजभवन के बाहर धरना भी दिया था।









