रायपुर। आबकारी के ओवरटाइम भुगतान घोटाले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग के पूर्व विशेष सचिव अरुणपति त्रिपाठी (AP Tripathi) को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें शनिवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने 20 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
EOW-ACB के अनुसार, यह कार्रवाई सीएसएमसीएल ओवरटाइम भुगतान घोटाला मामले में दर्ज अपराध क्रमांक 44/2024 के तहत की गई है। प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं 7(बी) और 8 के साथ भारतीय दंड संहिता की धाराएं 467, 468, 471 और 120-बी के तहत मामला दर्ज है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच कर्मचारियों के ओवरटाइम, चार अतिरिक्त दिवस, बोनस और सर्विस चार्ज के नाम पर मैनपावर एजेंसियों को 172 करोड़ रुपये से अधिक का कथित अवैध भुगतान किया गया। आरोप है कि इस भुगतान का बड़ा हिस्सा नकद कमीशन के रूप में एक सिंडिकेट के जरिए वापस लिया गया।
EOW ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने 29 नवंबर 2023 को तीन व्यक्तियों से 28.80 लाख रुपये नकद जब्त किए थे। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए राज्य शासन को सूचना भेजी गई, जिसके आधार पर EOW ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।
इस मामले में जांच एजेंसी पहले ही 12 आरोपियों के खिलाफ अभियोग पत्र (चार्जशीट) विशेष न्यायालय में प्रस्तुत कर चुकी है। अब अरुणपति त्रिपाठी की गिरफ्तारी को मामले की अहम कड़ी माना जा रहा है।
EOW का कहना है कि अरुणपति त्रिपाठी से पूछताछ के दौरान घोटाले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य और जानकारियां मिलने की संभावना है। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।









