रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी, कस्टम मिलिंग और शराब घोटाले से जुड़े मामलों में आरोपी प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की रिमांड 22 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। विशेष अदालत ने शुक्रवार को EOW की ओर से दायर पांच दिन की अतिरिक्त पुलिस रिमांड की मांग स्वीकार कर ली।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता फैसल रिजवी ने बताया कि शुक्रवार को रिमांड अवधि पूरी होने पर रामगोपाल अग्रवाल को विशेष अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान EOW ने दलील दी कि पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां और दस्तावेज सामने आए हैं, जिनके आधार पर जांच को आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत है। अदालत ने एजेंसी की मांग स्वीकार करते हुए उन्हें 22 जुलाई तक EOW की कस्टडी में भेज दिया।
EOW का आरोप है कि कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े पैसों को ठिकाने लगाने में रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका की जांच की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर अब वित्तीय लेनदेन और अन्य दस्तावेजों की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
8 जुलाई को किया था सरेंडर
करीब तीन साल तक फरार रहने के बाद रामगोपाल अग्रवाल ने 8 जुलाई को EOW कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया था। मेडिकल परीक्षण के बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से 9 जुलाई से 17 जुलाई तक की पुलिस रिमांड मंजूर की गई थी। अब पहली रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद अदालत ने पांच दिन की अतिरिक्त रिमांड मंजूर की है।
जांच के दौरान EOW पहले ही रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल से पूछताछ कर चुकी है। एजेंसी वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों और अन्य आरोपियों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
शराब घोटाले में भी गिरफ्तारी की तैयारी
इस बीच EOW ने बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में भी रामगोपाल अग्रवाल को औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने के लिए विशेष अदालत में आवेदन दिया है। माना जा रहा है कि मौजूदा रिमांड पूरी होने के बाद एजेंसी इस मामले में भी उनसे विस्तृत पूछताछ कर सकती है।
EOW का कहना है कि जांच अभी जारी है और पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।









