शिवसेना के राष्ट्रीय समन्वयक अभिषेक वर्मा को राहुल गांधी में नजर नहीं आती लीडरशिप क्वालिटी, मोदी की तारीफ की

September 22, 2025 12:39 PM
Dr. Abhishek Verma

साहित्य पुरस्कार की घोषणा पर कहा कि श्रीकांत वर्मा की कविताएं आज भी प्रासंगिक बनी हुई हैं। श्रीकांत जी ने जब नई कविता को मुक्तिबोध जी के बाद आगे बढ़ाया तो वह उस दौर के सरकारों के खिलाफ थीं। उनकी 1984 में प्रकाशित हुई ‘मगध’ काव्य संग्रह बताता है कि सरकारें कैसे पतनशील होती हैं। आज 41 वर्ष बाद भी उन कविताओं की प्रासंगिकता बनी हुई है।

रायपुर। नई कविता आंदोलन के प्रमुख कवियों में से और जाने माने साहित्यकार कवि स्व श्रीकांत वर्मा के बेटे और शिवसेना के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. अभिषेक वर्मा दो दिन के प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुंचे। प्रवास खत्म होने के बाद रायपुर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जब तक कांग्रेस पार्टी को लीड करते रहेंगे, भाजपा और एनडीए की सरकार बनती रहेगी।

राहुल गांधी से जुड़े सवाल पर डॉ. वर्मा ने कहा कि राहुल गांधी में वो क्वालिटी नहीं है जो उनके पिता राजीव गांधी और उनकी दादी इंदिरा गांधी में थी। उन दोनों को मैं पर्सनली जानता था। वो लीडरशिप क्वालिटी राहुल गांधी में नहीं है।

डॉ. वर्मा ने आगे कहा कि राहुल गांधी की नीतियों का फायदा एनडीए को मिल रहा है। जब तक वे पार्टी चलाएंगे, तब तक एनडीए और उसकी सहयोगी दलों को उसका फायदा मिलता रहेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा और शिवसेना बड़े भाई और छोटे भाई की तरह हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम आगे बढ़ते रहेंगे। नरेंद्र मोदी ने देश में बहुत से बदलाव किए हैं।

श्रीकांत वर्मा ट्रस्ट के हाल ही में साहित्य पुरस्कार को लेकर की गई घोषणा पर उन्होंने कहा कि श्रीकांत वर्मा की कविताएं आज भी प्रासंगिक बनी हुई हैं। श्रीकांत जी ने जब नई कविता को मुक्तिबोध जी के बाद आगे बढ़ाया तो वह उस दौर के सरकारों के खिलाफ थीं। उनकी 1984 में प्रकाशित हुई ‘मगध’ काव्य संग्रह बताता है कि सरकारें कैसे पतनशील होती हैं। आज 41 वर्ष बाद भी उन कविताओं की प्रासंगिकता बनी हुई है।

इस मौके पर शिवसेना के राज्य प्रमुख धनजंय परिहार भी मौजूद थे।

साहित्य राजनीति से परे, व्यवस्था विरोधी साहित्य भी पा सकता है सम्मान

व्यवस्था विरोधी साहित्य को लेकर वर्तमान के हालात पर उन्होंने न्यायपूर्ण पुरस्कार देने के सवाल पर कहा कि यह मैं तय नहीं करूंगा कि अवॉर्ड किसे देना है। इसके लिए एक कमेटी बनेगी, जो निष्पक्ष रहेगी। उस कमेटी में साहित्यकार ही होंगे।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे में व्यवस्था विरोधी साहित्य भी पुरस्कार का हकदार होगा, क्योंकि पुरस्कार श्रेष्ठ साहित्य को मिलेगी, जो राजनीति से परे होती है। राजनीति अपनी जगह रहेगी और साहित्य का सम्मान अपनी जगह। 

श्रीकांत वर्मा ट्रस्ट की तरफ से चार पुरस्कार दिए जाएंगे। पहला साहित्य को, जिसमें श्रेष्ठ साहित्य को ही जगह मिलेगी। इसके अलावा मीडिया, क्लासिकल परफॉर्मिंग आर्ट और क्राफ्ट आर्ट कैटेगिरी में सम्मान दिया जाएगा।

शिवसेना को तीन साल में बना देंगे राष्ट्रीय पार्टी

छत्तीसगढ़ में शिवसेना के भविष्य और चुनावी राजनीति में कदम रखने की संभावनाओं पर कहा कि 2028 के विधानसभा चुनाव में हम भाजपा से 20 फीसदी सीटें मांगेंगे, ताकि हम भी चुनाव लड़ सकें। भाजपा सीटें देगी तो चुनाव लड़ेंगे। लेकिन, विरोध में नहीं लड़ेंगे, क्योंकि उसमें वोट कटते हैं।

डॉ. वर्मा ने कहा कि हमारी कोशिश सभी छोटे राज्यों में चुनाव लड़ने की है, ताकि हम अगले तीन वर्षों में राष्ट्रीय पार्टी बन सकें। पार्टी को लेकर कहा कि पार्टी बाला साहेब ठाकरे के विचारों के अनुसार चल रही है। कुछ समय के लिए जब बाला साहेब ठाकरे के बेटे को जिम्मेदारी मिली तो उन्होंने पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ काम किया। अब एकनाथ शिंदे पार्टी को आगे बढ़ा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ को अब भी नहीं मिली वो पहचान, जिसका वह हकदार

छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश को लेकर उन्होंने कहा कि वे अपने संपर्क की विदेशी कंपनियों के साथ जॉइंट वेंचर में छत्तीसगढ़ में निवेश करेंगे, लेकिन उससे पहले छत्तीसगढ़ के सभी प्रमुख शहरों का हवाई संपर्क बेहतर हो जाए।

छत्तीसगढ़ में हुए बदलाव को लेकर उन्होंने कहा कि जब 26 वर्ष पहले वे छत्तीसगढ़ आए थे, तो रायपुर से बिलासपुर जाने में उन्हें 5 घंटे लगे थे। अब दो घंटे में वे बिलासपुर से रायपुर पहुंच गए।

छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय पहचान पर उन्होंने कहा कि दिल्ली और अन्य बड़े शहरों में आज भी लोग छत्तीसगढ़ और झारखंड में कन्फयूज रहते हैं। ये राष्ट्रीय स्तर पर उस पहचान का नहीं मिलना है, जिसका छत्तीसगढ़ हकदार है। छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का काम सिर्फ सरकारों का नहीं बल्कि यहां की जनता और लोगों का भी है।

कांग्रेस को खून पसीने से सींचा और कांग्रेस ने झूठे केस में फंसाया

उनके ऊपर लगे आरोपों और गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस को उन्होंने और उनके परिवार ने खून पसीने से सींचा है, लेकिन कुछ अनबन की वजह से कांग्रेस ने उन्हें झूठे केस में फंसाया। फंसाना तो आसान होता है, लेकिन उससे बचकर बरी होकर बाहर आना ज्यादा अहम होती है। मैं सेशन कोर्ट और हाई कोर्ट दोनों से बरी हुआ हूं। मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद पाए गए हैं।

जिस केस में उनका नाम आया, वह केस देश की संसद में पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने उठाया था। इन सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि आडवानी जी को मिस गाइड किया गया था। प्रशांत भूषण ने पीआईएल दायर की थी। मैं कई साल परेशान हुआ, लेकिन कोर्ट से बरी हुआ हूं।

रायपुर बिलासपुर हाईवे में सरकार से मांगी 10 एकड़ जमीन

डॉ. वर्मा ने पत्रकारों से कहा कि उनका यह प्रवास पूरी तरह निजी थी, लेकिन उन्होंने छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री से इस निजी मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ में साहित्य के क्षेत्र में कुछ अच्छा काम करने की इच्छा जताई है।

उन्होंने कहा कि वे श्रीकांत वर्मा ट्रस्ट की तरफ से एक कल्चरल सेंटर बनाना चाहते हैं, जिसके लिए वे सरकार की बताई जगह पर जमीन खरीद कर भारत मंडपम की तर्ज पर कल्चरल सेंटर बनाएंगे। इससे यहां बड़े-बड़े साहित्यिक आयोजन हो सकें।

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दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। 2022 से दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर के तौर पर काम किया है। इस दौरान स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन खबरें लिखीं। दैनिक भास्‍कर से पहले नवभारत, नईदुनिया, पत्रिका अखबार में 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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