महादेव एप मामले में धराया दिल्ली भाजपा का नेता, 908 करोड़ की संपत्ति जब्त, शाह, बिड़ला के साथ तस्वीरें

Vikas Garg

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जब पिछला विधानसभा चुनाव लड़ रहे थे तो ऐन चुनाव के वक्त उनकी सरकार उनके परिवार और खुद भूपेश बघेल की महादेव बैटिंग एप के नाम पर भाजपा और इन्फोर्समेंट एजेंसी के द्वारा जमकर घेराबंदी की गई। लेकिन अब इस मामले में खुद बीजेपी बुरी तरह फंसती नजर आ रही है। बीजेपी नेता विकास गर्ग (Vikas Garg) जो दिल्ली भाजपा में आर्थिक सेल का संयोजक भी है गिरफ्तार कर लिया गया है। इस नए खुलासे के बाद भूपेश बघेल ने पीएमओ के हीरेन जोशी और यूपी कैडर के पूर्व आईएएस नवनीत सहगल पर कार्रवाई की मांग की है।

ANI ने भूपेश बघेल के बयान वाला ट्वीट डिलीट कर दिया है। वहीं दिल्ली से लेकर छत्तीसगढ़ तक सियासी तामपान अचानक बढ़ गया है।

भाजपा नेता पर ईडी की परदेदारी

भाजपा द्वारा 2024 में विकास गर्ग को भाजपा दिल्ली की आर्थिक सेल का संयोजक नियुक्त किया गया था। आठ महीने बाद, उनके फर्मों पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापा मारा।लेकिन एजेंसी ने यह नहीं बताया कि कार्रवाई का कारण क्या था।

एक साल से ज्यादा समय बाद, 10 जुलाई को जारी बयान में ईडी ने आखिरकार खुलासा किया कि गर्ग को 2002 के मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत महादेव बुक बेटिंग और स्काई एक्सचेंज से जुड़े मामले के लिए मुकदमा चलाया जा रहा है। उन्हें मंगलवार को इस मामले में गिरफ्तार किया गया।

क्या है महादेव बुक और स्काई एक्सचेंज?

महादेव बुक एक मोबाइल ऐप है जो खुद को “स्पोर्ट्स इनसाइट्स” का प्लेटफॉर्म बताता है। इसके एक मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं। स्काई एक्सचेंज दुबई स्थित बेटिंग प्लेटफॉर्म है जो महादेव ऐप से जुड़ा हुआ है।2022 से केंद्रीय एजेंसियां महादेव के प्रमोटर्स की जांच कर रही हैं।

आरोप है कि उन्होंने ऐप के जरिए अवैध बेटिंग सिंडिकेट चलाया, राजस्व को बेनामी बैंक खातों, क्रिप्टोकरेंसी और हवाला नेटवर्क के जरिए लॉन्डर किया। इसमें से कुछ पैसा भारतीय शेयर बाजार को मैनीपुलेट करने में इस्तेमाल हुआ।

भूपेश पर ईडी ने लगाए थे गंभीर आरोप

यह मामला 2023 में राष्ट्रीय सुर्खियों में आया जब ईडी ने आरोप लगाया कि ऐप के प्रमोटर्स, छत्तीसगढ़ के व्यवसायी सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने तब के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लगभग 508 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी।ये खुलासे राज्य विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हुए। कांग्रेस चुनाव हार गई।

बघेल ने किसी गलत काम से इनकार किया है।

इसके बाद ईडी और सीबीआई की जांच निजी भारतीय फर्मों, विदेशी संस्थागत निवेशकों और यहां तक कि बॉलीवुड सेलिब्रिटीज तक पहुंच गई, जिन्होंने फरवरी 2023 में दुबई में चंद्राकर की शानदार शादी में हिस्सा लिया था।इनमें से ज्यादातर कथित कनेक्शन्स सुर्खियों में आए, लेकिन यह अनदेखा रहा कि भाजपा का एक सदस्य भी जांच के दायरे में था।

कौन है विकास गर्ग?

व्यवसायी विकास गर्ग पुरानी भाजपा परिवार से हैं। उनके पिता नंद किशोर गर्ग दिल्ली के त्रिनगर विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के टिकट पर तीन बार चुने जा चुके हैं।

हालांकि केंद्रीय एजेंसियां उनके खिलाफ कार्रवाई पर चुप रहीं, लेकिन गर्ग की कंपनियों ने 2024 में स्टॉक मार्केट डिस्क्लोजर में ईडी जांच का जिक्र किया। अपनी वार्षिक रिपोर्टों में कंपनियों ने सभी आरोपों से इनकार किया।

जब अप्रैल में न्यूज आउटलेट स्क्रोल ने गर्ग से प्रतिक्रिया मांगी तो उनके वकीलों ने नोटिस भेजा और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी।

इसमें कहा गया, “आपके संचार के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय की कार्यवाही सब ज्यूडिस है। मेरा मुवक्किल आज तक मनी लॉन्ड्रिंग या किसी अन्य अपराध का दोषी नहीं ठहराया गया है।”10 जुलाई के बयान में ईडी ने कहा कि उसने गर्ग, उनके परिवार और उनकी कंपनियों की 940.7 करोड़ रुपये की संपत्तियां मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अटैच की हैं।

अब तक 3800 करोड़ की संपत्ति जब्त

एजेंसी ने इन अटैचमेंट को अवैध बेटिंग ऑपरेशन्स से प्राप्त क्राइम प्रोसीड्स बताया, जो विकास गर्ग के स्वामित्व और नियंत्रण वाली इकाइयों में रूट किए गए थे।मार्च 2026 में ईडी ने कहा था कि इस मामले में देशभर में 175 से ज्यादा जगहों पर सर्च की गईं, 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया, 74 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई और भारत-विदेश में लगभग 4,336 करोड़ रुपये की संपत्तियां फ्रीज की गईं। नवीनतम बयान में अटैच की गई संपत्तियों का मूल्य 3,800 करोड़ रुपये बताया गया।

केमिकल बनाता है विकास गर्ग

गर्ग विकास लाइफकेयर लिमिटेड और विकास इकोटेक लिमिटेड के प्रमोटर हैं, जो केमिकल्स बनाती हैं और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड हैं। अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल्स पर वे खुद को कन्वीनर इकोनॉमिक सेल, भाजपा बताते हैं। अगस्त 2024 में भाजपा दिल्ली द्वारा जारी पदाधिकारियों की सूची में भी उन्हें इस पद पर दिखाया गया है।गर्ग के सोशल मीडिया अकाउंट्स में अमित शाह समेत वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें हैं। इनमें अप्रैल 2025 में किरेन रिजिजू, सितंबर 2024 में अनुराग ठाकुर, नवंबर 2022 में ओम बिरला और नवंबर 2021 में मनोज तिवारी के साथ मीटिंग्स शामिल हैं।सितंबर 2025 में गर्ग ने हर्ष मल्होत्रा (कॉर्पोरेट मामलों और सड़क परिवहन के राज्य मंत्री) से मुलाकात की और ट्वीट किया कि उन्होंने आर्थिक सेल और उसके कामकाज से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की। मई 2026 में मल्होत्रा दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष बने।

नाम लेने से बचती है एजेंसी

ईडी के अधिकारी गर्ग और उनकी कंपनियों के पास पहली बार पिछले साल 16 अप्रैल को गए। विकास लाइफकेयर ने 18 अप्रैल को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को फाइलिंग में इसका खुलासा किया।

यह डिस्क्लोजर सेबी (लिस्टिंग दायित्व और डिस्क्लोजर आवश्यकताएं) नियमावली 2015 के रेगुलेशन 30 के तहत किया गया, जो लिस्टेड कंपनियों को पारदर्शिता और इनसाइडर ट्रेडिंग रोकने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को बताने का आदेश देता है।

कंपनी ने कहा कि ईडी के अधिकारी उसके ऑफिस, गर्ग के घर और उनकी एक कंपनी के ऑफिस गए। जांच “थर्ड-पार्टी इकाइयों और ट्रांजेक्शन्स” से संबंधित थी। 21 अप्रैल को ईडी के बयान में कहा गया कि 16 अप्रैल को महादेव बेटिंग ऐप मामले में कई भारतीय शहरों में छापे मारे गए।

सर्च के दौरान सबूत मिले हैं कि ऐसी कंपनियों के प्रमोटर्स ने आरोपी व्यक्तियों के साथ सांठगांठ की और टेंटेड मनी की मदद से इन कंपनियों के शेयर प्राइस को मैनीपुलेट किया, एजेंट्स और मध्यस्थों के जरिए कंपनी की वैल्यूएशन बढ़ाई।एजेंसी ने किसी फर्म या प्रमोटर का नाम नहीं लिया।

क्या कहा भूपेश बघेल ने?

छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने ANI से कहा है कि खबर आई है कि दिल्ली भाजपा इकाई के आर्थिक मामलों के प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विकास गर्ग महादेव ऐप मामले में शामिल हैं और उनकी 904 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है.।

ऐसे ऐप्स को बंद करने की जिम्मेदारी भारत सरकार की है; उनके पास अधिकार था लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। भूपेश कहते हैं अब कारण स्पष्ट है -उनके अपने लोग इसमें शामिल हैं। मैं नवनीत सहगल और हिरेन जोशी की जांच की मांग करता हूं, जो कभी बेहद शक्तिशाली अधिकारी थे और जिनके व्हाट्सएप संदेश खबरों की सुर्खियां तय करते थे। वे अब कहां हैं? सरकार उनकी जांच क्यों नहीं कर रही है? ईडी उन तक क्यों नहीं पहुंची? उनकी जांच होनी चाहिए। हम उन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग करते हैं जो विदेश में हैं

भूपेश कहते हैं कि छत्तीसगढ़ में सत्ता में रहते हुए हमने लुकआउट सर्कुलर जारी करने का अनुरोध किया था, लेकिन मौजूदा डबल इंजन सरकार के बावजूद भी उन व्यक्तियों को देश वापस नहीं लाया गया है; वे विदेश में ही हैं। भारत सरकार महादेव सट्टेबाजी मामले पर कार्रवाई करने में विफल क्यों है? इसका जवाब चाहिए। ग़ज़ब यह कि ये ट्वीट ANI ने हटा दिया।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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