रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नकटी गांव (Nakti) में 85 मकानों पर हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि सरकार स्पष्ट करे कि आखिर किस मंत्री को लाभ पहुंचाने और भाजपा नेता के रिश्तेदार बताए जा रहे रजनीश चंद्राकर तथा नितिन अग्रवाल को फायदा पहुंचाने के लिए नकटी में गरीबों के मकान तोड़े गए।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसकी जमीनों के दाम गरीबों के मकानों की वजह से नहीं बढ़ रहे थे और इस कार्रवाई से किसे लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई। बैज ने यह भी पूछा कि यदि वहां विधायक आवास बनाया ही नहीं जाना था, तो फिर 29 जून को 85 मकानों पर बुलडोजर क्यों चलाया गया?
दीपक बैज ने कहा कि सरकार के अलग-अलग मंत्री अब यह कह रहे हैं कि नकटी में विधायकों के लिए आवास बनाने की कोई योजना नहीं है। हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन अनुराग सिंहदेव, मंत्री केदार कश्यप और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सार्वजनिक रूप से यह बयान दे चुके हैं कि वहां विधायक आवास नहीं बनाया जाएगा। ऐसे में बुलडोजर कार्रवाई का औचित्य सवालों के घेरे में है।
सचिव के पत्र का हवाला
बैज ने कहा कि अक्टूबर 2024 में आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद ने रायपुर कलेक्टर को पत्र लिखकर नकटी की अतिक्रमित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए थे। पत्र में स्पष्ट उल्लेख था कि षष्ठम विधानसभा के जनप्रतिनिधियों के लिए आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की जानी है। इस पत्र में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के आयुक्त के 25 सितंबर 2024 के पत्र का भी हवाला दिया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह दस्तावेज सरकार के मौजूदा दावों का खंडन करता है और यह साबित करता है कि पहले विधायक आवास की योजना थी, जिसे अब नकारा जा रहा है।
विधानसभा के जवाब का भी किया जिक्र
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा में भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह के सवाल के जवाब के दौरान राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने भी यह स्पष्ट किया था कि नकटी गांव में विधायकों के आवास के लिए भूमि चिन्हित की गई है। इसके बावजूद अब सरकार अपने ही रुख से पीछे हटती दिखाई दे रही है।
बैज ने मांग की कि यदि सरकार यह मान रही है कि वहां विधायक आवास नहीं बनाया जाएगा, तो जिन गरीब परिवारों के मकान तोड़े गए हैं, उन्हें उसी स्थान पर दोबारा मकान बनाकर दिए जाएं और सभी प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।









