नई दिल्ली। Dehradunमें होने वाले राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम, जो पहले परेड ग्राउंड में होने वाला था, अब बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को लेकर चल रहे विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। प्रशासन ने परेड ग्राउंड में कार्यक्रम की अनुमति को फीस लेने के बावजूद रद्द कर दिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह सब सरकार के दबाव में हुआ।
अब यह कार्यक्रम 17 जुलाई को बन्नू स्कूल मैदान में होगा। देहरादून जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा ऐन मौके पर परेड ग्राउंड की अनुमति रद्द किए जाने के बाद इस पूरे मामले पर भारी राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
कांग्रेस प्रवक्ता रश्मि मिगलानी ने कहा कि सोच का देखिए कॉकरोच जनता पार्टी को दिल्ली में अनशन और धरना प्रदर्शन की इजाजत मिल जाती है और देहरादून में कांग्रेस के कार्यक्रम में अड़चन डाली जाती है इससे अंदाजा लगता है कि क्या चल रहा है।
स्थान बदलने और विवाद के मुख्य कारण
कांग्रेस का दावा है कि उन्होंने 1.77 लाख रुपये की फीस जमा कर परेड ग्राउंड की वैध अनुमति ली थी, लेकिन प्रशासन ने अचानक इसे निरस्त कर दिया। देहरादून के जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार का ‘लोक संवर्धन पर्व’ कार्यक्रम (जो 15 जुलाई को खत्म होना था) अब 17 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है, जिसके कारण परेड ग्राउंड उपलब्ध नहीं था। इसके अलावा सुरक्षा और पर्याप्त जगह की कमी का भी हवाला दिया गया।
कांग्रेस का सरकार पर आरोप
उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि बीजेपी सरकार राहुल गांधी के कार्यक्रम से डर गई है। इसी के चलते अब छात्र और अभिभावकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देखते हुए कार्यक्रम स्थल बदलने का फैसला लिया गया है।
रातभर चला धरना प्रदर्शन
मंगलवार रात परेड ग्राउंड में कार्यक्रम की अनुमति नहीं दिए जाने और सामान से लदे ट्रकों को परेड ग्राउंड में एंट्री न मिलने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रातभर ग्राउंड पर धरना-प्रदर्शन किया और पुलिस के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत समेत कई कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय से परेड ग्राउंड की ओर बढ़े। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई।
गणेश गोदियाल का बयान
धरने के दौरान गणेश गोदियाल ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि कांग्रेस को पहले तीन दिन के लिए अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में राजनीतिक दबाव के चलते इसे रद्द कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि जिस स्थान को सरकारी कार्यक्रम बताकर रोका गया, वहां वास्तव में कोई गतिविधि नहीं हो रही थी।
17 जुलाई को आयोजन निश्चित
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम 17 जुलाई को निश्चित तिथि पर होगा। छात्रों और अभिभावकों की सुरक्षा व समय की कमी को देखते हुए कांग्रेस ने कार्यक्रम को पूर्व निर्धारित तिथि (17 जुलाई) को ही बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित करने का फैसला लिया।
इस राष्ट्रव्यापी 40 दिवसीय अभियान के तहत राहुल गांधी छात्रों से पेपर लीक, बेरोजगारी और परीक्षा प्रणाली में सुधार जैसे मुद्दों पर सीधा संवाद करेंगे। कार्यक्रम के स्थान को लेकर जारी सियासी विवाद फिलहाल खत्म होता नजर आ रहा है, लेकिन अनुमति रद्द होने पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला अभी भी जारी है।










