136 बिंदुओं का आरोप पत्र पेश कर महंत ने सरकार के खिलाफ रखा अविश्वास प्रस्ताव, हसदेव से लेकर नकटी और भारतमाला तक उठाए मुद्दे

CG Vidhansabha

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा (CG Vidhan Sabha) के मानसून सत्र के अंतिम दिन नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ 136 बिंदुओं का आरोप पत्र पेश करते हुए अविश्वास प्रस्ताव रखा। अपने विस्तृत भाषण में उन्होंने हसदेव अरण्य, नकटी में हुई तोड़फोड़, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, कानून-व्यवस्था, पेसा कानून के क्रियान्वयन, आदिवासी क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण, अबूझमाड़ में कथित पेड़ कटाई, भारतमाला सड़क परियोजना और आबकारी विभाग में कथित भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरा।

अपने भाषण की शुरुआत करते हुए डॉ. महंत ने उत्तर छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील इस क्षेत्र में पेड़ों की कटाई और कोयला खनन को बढ़ावा दे रही है।

महंत ने जुलाई 2022 में विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित उस प्रस्ताव का भी उल्लेख किया, जिसमें हसदेव अरण्य के कोल ब्लॉकों को निरस्त करने की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार बनने से पहले ही खनन की अनुमति देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि 11 दिसंबर को राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को हसदेव अरण्य के 91 हेक्टेयर क्षेत्र में खनन की अनुमति दी गई, जिससे करीब 15 हजार पेड़ों की कटाई का रास्ता साफ हो गया।

महंत ने कहा, ‘हसदेव अरण्य मध्य भारत का फेफड़ा है। दूसरे राज्यों के उद्योगपतियों के कहने पर हमारे जंगलों को नष्ट किया जा रहा है। आप किसी और का महल बनाने के लिए अपनी ही जड़ें काट रहे हैं।’

उन्होंने भाजपा पर भगवान राम के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राम के वनगमन से जुड़े जंगलों की रक्षा करने में सरकार विफल रही है। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि एक उद्योगपति पूरे छत्तीसगढ़ पर हावी हो गया है, जिसका परिणाम मानव-हाथी संघर्ष के रूप में सामने आ रहा है।

महंत ने दावा किया कि हसदेव अरण्य में करीब 170 प्रकार की औषधीय वनस्पतियां और वृक्ष हैं तथा कोयला भंडार का अंधाधुंध दोहन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 15 वर्षों के लिए आवंटित खदानें मात्र 9 वर्षों में ही खाली हो गईं।

कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं और प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हुई है।

उन्होंने जून 2024 में बलौदाबाजार हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों द्वारा कलेक्टोरेट और एसपी कार्यालय में आगजनी की घटना को रोकने में सरकार पूरी तरह विफल रही।

इसके अलावा उन्होंने कोरिया जिले में कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले का उल्लेख करते हुए महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार पर निशाना साधा।

किसानों और युवाओं के मुद्दे भी उठाए

महंत ने सरकार के विजन डॉक्यूमेंट-2047 पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इसमें कृषि क्षेत्र की उपेक्षा की गई है, जबकि राज्य की लगभग 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की बेरोजगारी भत्ता योजना बंद कर दी गई और पिछले खरीफ सीजन में करीब दो लाख किसान अपना धान बेचने से वंचित रह गए।

नकटी, पेसा कानून और भारतमाला का भी किया जिक्र

अपने आरोप पत्र में महंत ने रायपुर के नकटी गांव में हुई तोड़फोड़, पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, आदिवासी क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण, अबूझमाड़ में कथित पेड़ कटाई, भारतमाला सड़क परियोजना में कथित अनियमितताओं और आबकारी विभाग में कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विभिन्न मोर्चों पर जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी है और इन्हीं कारणों से कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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