रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर अनियमितता सामने आई है। धान चोरी कर उसके कम वजन की भरपाई के लिए धान में पानी डालने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो रायपुर जिले के मंदिर हसौद तहसील अंतर्गत स्थित धान खरीदी समिति मुरेठी का है। वीडियो सामने आने के बाद धान खरीदी की पारदर्शिता और प्रशासनिक निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, धान खरीदी समिति मुरेठी के समिति प्रबंधक चंद्र प्रकाश खंडेलवाल पर आरोप है कि धान की चोरी कर उसके कम वजन को छिपाने के लिए धान में पानी डाला गया, ताकि तौल के समय वजन पूरा दिखाया जा सके।
इस समिति के अंतर्गत मुरेठी के अलावा बहनाकाड़ी, जुगेसर और मुनगी गांवों का धान खरीदा जाता है। वायरल वीडियो में धान के ढेर अथवा बोरों पर पानी डालते हुए दृश्य नजर आ रहे हैं, जिससे किसानों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
मामले को लेकर शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने जांच समिति गठित की। जांच में प्रथम दृष्टया गड़बड़ी सामने आने पर समिति प्रबंधक चंद्र प्रकाश खंडेलवाल को निलंबित कर दिया गया है।
जांच समिति में ग्राम खरीदी समिति के प्रभारी सुमित डड़सेना ने बताया कि धान के बाेरों में पानी डालने के मामले में समिति प्रबंधक चंद्र प्रकाश खंडेलवाल को निलंबित कर दिया गया है। जांच समिति अपनी रिपोर्ट जिल प्रशासन को देगी, उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि संबंधित अधिकारी इससे पहले भी इसी तरह के मामलों में निलंबित हो चुके हैं और कुछ समय पहले ही उनकी बहाली हुई थी। ऐसे में बार-बार सामने आ रही शिकायतों ने व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में धान खरीदी को लेकर लगातार अव्यवस्थाओं की खबरें सामने आ रही हैं। कहीं टोकन वितरण को लेकर किसानों को परेशान होना पड़ रहा है, तो कहीं समय पर धान खरीदी नहीं होने से फसल खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
कुछ केंद्रों से चूहों द्वारा धान खा जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। वहीं, लगातार तनाव और अनिश्चितता के चलते कुछ इलाकों में किसानों द्वारा आत्महत्या के प्रयास की घटनाएं भी रिपोर्ट की गई हैं।
धान खरीदी जैसी संवेदनशील व्यवस्था में इस तरह की गड़बड़ियों से किसानों में गुस्सा है।
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