नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रक्षा मंत्रालय से जुड़े एक बड़े भ्रष्टाचार मामले में कार्रवाई करते हुए एक वरिष्ठ आर्मी अधिकारी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा हैं जो रक्षा उत्पादन विभाग में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निर्यात से जुड़े पद पर तैनात थे। उनके साथ एक निजी व्यक्ति विनोद कुमार को भी पकड़ा गया है। सीबीआई के अनुसार, यह मामला 19 दिसंबर को एक विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद दर्ज किया गया।
जांच में पता चला कि लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा लंबे समय से रक्षा उत्पादों के निर्माण और निर्यात से जुड़ी निजी कंपनियों को गलत फायदा पहुंचाने के बदले रिश्वत लेते थे। खास तौर पर बेंगलुरु में काम करने वाली एक कंपनी के प्रतिनिधि राजीव यादव और रवजीत सिंह उनके संपर्क में थे। ये दोनों कंपनी के लिए सरकारी विभागों से अवैध लाभ हासिल करने की कोशिश कर रहे थे।
इस कंपनी के भारत में कामकाज दुबई की एक फर्म से जुड़े बताए जा रहे हैं। कंपनी के इशारे पर विनोद कुमार ने 18 दिसंबर को लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा को 3 लाख रुपये की रिश्वत सौंपी। सीबीआई ने इसी आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
छापे में मिली बड़ी रकम और दस्तावेज
सीबीआई ने दिल्ली, श्रीगंगानगर (राजस्थान), बेंगलुरु और जम्मू समेत कई जगहों पर छापे मारे। लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा के दिल्ली स्थित घर से रिश्वत की 3 लाख रुपये की राशि के अलावा 2.23 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। साथ ही कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और आपत्तिजनक सामग्री भी मिली।
शर्मा की पत्नी कर्नल काजल बाली राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक ऑर्डनेंस यूनिट की कमांडिंग ऑफिसर हैं। उनके घर की तलाशी में 10 लाख रुपये नकद जब्त किए गए। इस मामले में कर्नल काजल बाली के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। शर्मा के न्यू दिल्ली स्थित कार्यालय में भी छापेमारी जारी है। कुल मिलाकर करीब 2.36 करोड़ रुपये की नकद राशि बरामद हुई है।
अदालत ने भेजा हिरासत में
20 दिसंबर को दोनों आरोपियों को विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा और विनोद कुमार को 23 दिसंबर तक सीबीआई हिरासत में भेज दिया। जांच एजेंसी अब रिश्वत के पूरे नेटवर्क, पैसे के स्रोत और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की गहराई से पड़ताल कर रही है, सीबीआई का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर और खुलासे हो सकते हैं।









