रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और दान को लेकर सामने आए कथित अनियमितताओं के आरोपों पर भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘70 सालों का हिसाब मांगने वाले एक मंदिर के ‘चढ़ावे’ का हिसाब नहीं दे पा रहे हैं।‘
इस पोस्ट के जरिए उन्होंने राम मंदिर में मिले दान और चढ़ावे के हिसाब-किताब को लेकर सवाल उठाए।
भूपेश बघेल ने इसके बाद विधानसभा में भी यही मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा इस विषय पर चर्चा से बच रही है। उन्होंने कहा कि ‘विधानसभा में चढ़ावा चोरी पर चर्चा से भागी भाजपा। यह तो प्रभु श्रीराम का अपमान है।’
उनका कहना था कि जिस विषय से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है, उस पर सदन में चर्चा से बचना उचित नहीं है।
भूपेश बघेल ने विधानसभा में मीडिया से बात करते हुए कहा कि सोमवार को शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने अयोध्या राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में दान और चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत किया था, ताकि सदन में इस विषय पर चर्चा हो सके। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने इस प्रस्ताव पर चर्चा नहीं होने दी।
भूपेश बघेल ने कहा कि राम शिला अभियान के दौरान भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ता देशभर के गांव-गांव गए थे और करोड़ों रुपये का चंदा एकत्र किया था, लेकिन उस राशि का सार्वजनिक हिसाब आज तक नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा, ‘मैंने और मेरे जैसे लाखों लोगों ने राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया है। भाजपा के लोग पूछते हैं कि इसका छत्तीसगढ़ से क्या संबंध है?’
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपरा में भगवान श्रीराम को राज्य का भांजा माना जाता है। ऐसे में जब छत्तीसगढ़ से भी मंदिर निर्माण के लिए दान गया है तो उस दान और चढ़ावे के कथित मामले पर विधानसभा में चर्चा होना स्वाभाविक है।
भूपेश बघेल ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा, ‘भगवान राम छत्तीसगढ़ के भांजे हैं। जब दान छत्तीसगढ़ से भी गया है तो उसकी चर्चा विधानसभा में क्यों नहीं होना चाहिए? BJP और RSS ने भगवान राम को भी नहीं छोड़ा। एक तो वोट की चोरी और दूसरा चढ़ावा की चोरी।’









