बागियों को मनाने में बघेल फेल, अब राहुल का इंतजार

नई दिल्ली। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के विदेश दौरे के बीच पंजाब कांग्रेस में बगावत का दौर जारी है। प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल किए तमाम दावों के बावजूद बागी गुट एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। भूपेश बघेल शनिवार को चन्नी समर्थकों के साथ बैठक के बावजूद बागियों को मनाने में कामयाबी नहीं हो पाए।

82 तहसील प्रभारियों, 12 विधायकों और तीन सांसदों के साथ पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने ताकत दिखाई है। चन्नी ने प्रचार कमेटी के अध्यक्ष का पद छोड़ देने की धमकी देते हुए कहा है कि बतौर पूर्व सीएम कांग्रेस के लिए प्रचार कर दूंगा।

भूपेश बघेल बागी गुटों को समझाने में नाकाम

प्रदेश अध्यक्ष राजा वाडिंग को लेकर कांग्रेस में बगावत के सुर और तेज हो गए हैं। मोरिंडा के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी गुट के नाराज नेताओं ने शनिवार को चंडीगढ़ में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल के सामने शक्ति प्रदर्शन किया।

बघेल इन नेताओं को मनाने विधायक राणा गुरजीत सिंह के आवास पहुंचे थे, लेकिन वहां उन्हें नाराज नेताओं की ताकत का सामना करना पड़ा। बैठक के बाद भी बगावत के सुर शांत नहीं हुए। बघेल ने नेताओं को भरोसा दिया कि उनकी भावनाओं से हाईकमान को अवगत कराया जाएगा। पंजाब कांग्रेस की इस अंदरूनी खींचतान को खत्म करने की जिम्मेदारी अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पाले में पहुंच गई है।

चन्नी के समर्थकों का शक्ति प्रदर्शन

बैठक में नाराज नेताओं ने एक सुर में कहा कि उन्हें मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का नेतृत्व कतई स्वीकार नहीं है।नेताओं ने कहा कि उन्हें पंजाब में कॉम्प्रोनाइज्ड नेता नहीं चाहिए। विधानसभा चुनाव जीतना है तो प्रदेश संगठन का नेतृत्व ऐसे नेता के हाथ में होना चाहिए, जो सरकार के खिलाफ मजबूती से लड़ सके।

नेताओं ने बघेल से साफ कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब में बड़ा और सर्वस्वीकार्य चेहरा हैं। इस पर बैठक में मौजूद नेताओं ने हाथ खड़े कर समर्थन जताया और तालियां बजाईं।

चन्नी के इस्तीफे की धमकी

दरअसल, तय कार्यक्रम के अनुसार शनिवार को बघेल को चन्नी और उनके खेमे के दो वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करनी थी। लेकिन जब वह विधायक राणा गुरजीत सिंह के घर पहुंचे तो वहां चन्नी के साथ 92 विधानसभा क्षेत्रों में से 82 हलका प्रभारी, 12 विधायक, तीन सांसद तथा कई पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री पहले से मौजूद थे। बैठक में महाराष्ट्र से आए ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं पंजाब मामलों के सह प्रभारी सूरज सिंह ठाकुर भी मौजूद रहे।बैठक के दौरान चन्नी गुट के सभी नेताओं ने बारी-बारी से अपनी बात रखी।

इस दौरान राजा वड़िंग के खिलाफ मजबूत लामबंदी देखने को मिली। चन्नी ने साफ कहा कि यदि उनकी बात को तरजीह नहीं दी जानी है तो वह चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष पद पर बने रहने के इच्छुक नहीं हैं। जरूरत पड़ी तो वह यह पद छोड़ देंगे और बतौर पूर्व मुख्यमंत्री ही पूरे पंजाब में कांग्रेस के लिए प्रचार करेंगे।

मनभेद नहीं मतभेद, बोले परगट

विधायक परगट सिंह ने कहा कि इसे बगावत नहीं बल्कि मौजूदा परिस्थितियों के संदर्भ में पंजाब कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के मतभेद के रूप में देखा जाना चाहिए। यह मनभेद नहीं है और हाईकमान को इस पर गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए। बैठक के बाद बघेल ने कहा कि सभी नेताओं की बात सुन ली गई है और उनकी भावनाओं से हाईकमान को अवगत कराया जाएगा।

हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव संबंधी समितियों के गठन को लेकर हाईकमान जो फैसला ले चुका है, उसमें कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि परिवार में इस तरह की बातें होती रहती हैं और उन्हें सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए। कांग्रेस में कोई भी कॉम्प्रोमाइज्ड नेता नहीं रहेगा। यदि ऐसा कोई होगा तो उसे हर हाल में बाहर कर दिया जाएगा।

रंधावा ने व्यक्तिगत दुश्मनी से किया इनकार

पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि उनकी प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, लेकिन प्रदेश नेतृत्व राज्य सरकार के खिलाफ अपेक्षित आक्रामकता नहीं दिखा रहा। उन्होंने कहा कि सभी नेताओं ने अपनी बात प्रभारी भूपेश बघेल के सामने रख दी है और उनसे आग्रह किया है कि वह नेताओं की भावनाओं से हाईकमान को अवगत कराएं।

कई बार परिस्थितियों के अनुसार हाईकमान को अपने फैसले वापस लेने पड़ते हैं। यदि पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनानी है तो इस फैसले पर भी पुनर्विचार करना होगा। हम कॉम्प्रोमाइज्ड नेताओं के साथ आगे नहीं बढ़ सकते।

तेल देखेंगे, तेल की धार देखेंगे : चन्नी

पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि प्रभारी भूपेश बघेल के साथ बातचीत हो गई है। सभी नेताओं ने अपने मन की बात उनके सामने रख दी है। अब फैसला हाईकमान को करना है। उन्होंने कहा, “अब तेल देखेंगे, तेल की धार देखेंगे”, यानी आगे पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया का इंतजार करेंगे।

बघेल ने बदलाव से किया इनकार

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने उनका नाम नहीं लिया। वह और रंधावा पिछले साढ़े चार वर्षों से साथ काम कर रहे हैं। यदि दोनों में से कोई कॉम्प्रोमाइज्ड होता तो इतनी लंबी राजनीतिक साझेदारी संभव नहीं होती। उन्होंने कहा कि वह भी मानते हैं कि पंजाब में कांग्रेस कॉम्प्रोमाइज्ड नेताओं के साथ आगे नहीं बढ़ सकती।

पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि परिवार में सब प्रकार की बातें होती रहती हैं, जिन्हें बाहर नहीं बोला जा सकता। हाईकमान ने चुनाव संबंधी समितियों के गठन में जो फैसला लिया है, उसमें कोई बदलाव नहीं होगा। सभी नेताओं की बात पार्टी नेतृत्व तक पहुंचा दी जाएगी। पार्टी में कोई भी कॉम्प्रोमाइज्ड नेता नहीं रहेगा। यदि ऐसा कोई पाया गया तो उसे हर हाल में बाहर किया जाएगा।

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