करोड़ों के भ्रष्टाचार और हरिजन उत्पीड़न के आरोपों में घिरा एनजीओ बांट रहा वीर सावरकर इंटरनेशनल अवार्ड

December 10, 2025 8:02 PM
Veer Savarkar International Impact Award

नई दिल्ली। 2022 में केरल का एक एनजीओ यूएई दूतावास की पूर्व कर्मचारी और केरल गोल्ड स्मगलिंग मामले की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश को अपने यहाँ नियुक्त करके चर्चा में आ गया। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को सदन में इस मामले को उठाकर कहना पड़ा कि यह एनजीओ एक स्मगलर को संरक्षण और वित्तीय मदद कर रहा है।

28 जून 2022 को केरल के मुख्यमंत्री पिनरयी विजयन ने विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव के जवाब में कहा था कि स्वप्ना सुरेश को आरएसएस से संबद्ध एक संगठन का समर्थन प्राप्त है। गौरतलब है कि इस एनजीओ को देश भर में स्मार्ट हाउस बनाने के लिए सैकड़ों करोड़ के ठेके मिले हैं। दो दिनों पहले जम्मू में इसे 350 आवास बनाए का ठेका दिया गया है।

स्वप्ना सुरेश, यूएई दूतावास की पूर्व कर्मचारी और केरल गोल्ड स्मगलिंग मामले की मुख्य आरोपी।

एनजीओ की लगातार चल रही जांच

केरल का पलक्कड़ स्थित गैर-सरकारी संगठन हाई रेंज रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी (एचआरडीएस) आरएसएस से अपनी नजदीकी के लिए जाना जाता रहा है और लगातार विवादों में रहा है। स्वप्न सुरेश के मामले में सीएम के द्वारा आरोपों के बाद एनजीओ द्वारा उसको सीएसआर अध्यक्ष से पदमुक्त कर दिया गया लेकिन उन्हें महिला सशक्तिकरण सलाहकार समिति की अध्यक्ष के रूप में बरकरार रखा था जो कि एक अवैतनिक पद है।

लेकिन इस घटना के बाद एचआरडीएस को राजस्व और पुलिस विभागों द्वारा उनकी कुछ परियोजनाओं के संबंध में भी लगातार जांच का सामना करना पड़ रहा। स्वप्न सुरेश तब चर्चा में आई थी जब उन्होंने कहा था कि कि मुख्यमंत्री और उनका परिवार सोने की तस्करी से वाकिफ थे। उनके इस आरोप ने केरल में भारी विवाद खड़ा कर दिया है कि दुबई यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री का बैग भूल गया था और कथित तौर पर नोटों से भरे उस बैग को यूएई दूतावास को सौंप दिया गया था।संगठन द्वारा बार बार सरकार पर उत्पीड़न का आरोप लगाया जा रहा है।

क्या था हाई प्रोफाइल गोल्ड स्मगलिंग मामला

5 जुलाई 2020 को, तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड द्वारा ₹ 14.82 करोड़ मूल्य का 30 किलोग्राम (66 पाउंड) 24 कैरेट सोना जब्त किया गया, जो तिरुवनंतपुरम में यूएई के  वाणिज्य दूतावास को पहुंचाया जाना था।

रविवार, 5 जुलाई 2020 को, दिल्ली में उच्चायुक्त कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी और उस दूतावास अधिकारी की उपस्थिति में बैग खोला गया, जिसका नाम सामान पर अंकित था, जिससे लगभग 30 किलोग्राम वजन का तस्करी किया हुआ सोना बरामद हुआ।

सोना बाथरूम के सामान से भरे सामान में छिपाया गया था।  कॉल के संबंध में आगे की जांच से प्रारंभिक पूछताछ स्वप्ना प्रभा सुरेश तक पहुंची, जो यूएई दूतावास की पूर्व कर्मचारी और राज्य सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की सलाहकार थीं। 

भारतीय अधिकारियों ने उस वक्त कहा कि इतिहास में यह पहली बार है कि किसी विदेशी राष्ट्र के राजनयिक कार्यालय के नाम पर इतनी बड़ी मात्रा में तस्करी का प्रयास हुआ है। केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन के प्रधान सचिव एम. शिवशंकर को प्रारंभिक जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच में आरोपी स्वप्ना सुरेश से संबंध होने की पुष्टि होने के बाद निलंबित कर पद से हटा दिया गया।

अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम में आरोप

2022 में HRDS के सचिव ए जी कृष्णन को को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। उसके खिलाफ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। उक्त मामले में पीटीआई ने पुलिस की ओर से कहा था कि संगठन ने आदिवासियों की जमीन पर अतिक्रमण किया और उन्हें धमकाया है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा जनजातियों को उपलब्ध कराए गए आवासों की खराब गुणवत्ता को लेकर भी इस एनजीओ के ख़िलाफ़ मामला दर्ज है।

डकार गए युवाओं की योजना का पैसा

उसके बाद बाद इसी साल केरल हाईकोर्ट में करोड़ों के घोटाले का एक केस आया जिसमे उसी एनजीओ पर आरोप लगाया गया था कि स्किल डेवलपमेंट और युवा विकास को लेकर जारी किए गए 5.63 करोड़ रूपयों में से 3.74 करोड़ रुपए एनजीओ के लोगों ने कार्यक्रम पर खर्च करने के बजाय आपस में बांट लिए। कुटुंबश्री नाम की इस योजना के बंदरबाँट की ख़बर मीडिया में छायी रही।यह एनजीओ केरल विधानसभा से लेकर एर्नाकुलम की सड़कों पर अपनी भ्रष्ट गतिविधियों के लिए लगातार चर्चा में रहा है। यह वही एनजीओ है जिसने शशि थरूर समेत अन्य छह को वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट एवार्ड देने की घोषणा की है।

यह भी देखें : थरूर को वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट अवॉर्ड, लेने से किया इनकार

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