एक और फर्जी बाबा का असली चेहरा उजागर

तस्वीर में दिख रहे शख्स का नाम अभिषेक मिश्रा है। अभिषेक मिश्रा Abhishek Mishra आईआईटी से पास आउट है, इंजीनियर बनने के बाद उसने ‘बाबा’ बनने का रास्ता चुना। वह ऑनलाइन प्रवचन देने लगा। अभिषेक का टार्गेट बीटेक की छात्राएँ थीं। ऑनलाइन प्रवचन लेने वाली छात्राएँ मथुरा स्थित अभिषेक के आश्रम में आकर कीर्तन मंडली में प्रतिभाग करती लगीं।

अब इस बाबा पर छत्तीसगढ़ की युवती ने बलात्कार का आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि उसको रात में दूध में नशीला पदार्थ दिया गया था। सुबह आँख खुली तो उसे पता चला कि उसके साथ बलात्कार हो चुका है। अभिषेक इन युवतियों का सिर्फ बलात्कार ही नहीं करता था, बल्कि इन युवतियों की अश्लील वीडियो भी शूट कराता था। ताकि जब चाहे युवतियों को बुलाकर अपनी हवस मिटा सके। अब एक पीड़िता ने अपने घर लौटकर FIR दर्ज कराई है। एफआईआर दर्ज होने के बाद जब पुलिस इस व्यभिचारी बाबा को गिरफ्तार करने पहुंची इसके आश्रम दो और लड़कियां मिलीं, जो नशे की आदी हो गईं थीं।

इस घटना ने यूपी के मुख्यमंत्री और यूपी पुलिस के सामने एक ऐसे इम्तिहान से गुज़रने का रास्ता खोला है, जिसमें वो शायद ही सफल हो पाएं। इम्तिहान क्या है? तो वह भी सुन लीजिए! यूपी में एक छांगुर बाबा थे, उन पर धर्मांतरण का आरोप लगा तो यूपी पुलिस ने बूढ़े छांगुर बाबा को जेल में डाल दिया, उनके मकान, मदरसे को बुलडोज़र से ध्वस्त कर दिया। अब सवाल यह है कि क्या इसी तर्ज़ पर अभिषेक मिश्रा नामी इस व्यभिचारी बाबा का आश्रम बुलडोज़र से ध्वस्त किया जाएगा? अगर नहीं किया जाता है, तो आप यह मान लीजिएगा कि बिना अनुराग एवं द्वेष के कर्तव्य का निर्वहन कने वाली संविधान की शपथ लेकर भी पक्षपात पूर्ण कार्रावाई किया जाना सामान्य घटना बनता जा रहा है। बुलडोज़र एक्शन, एनकाउंटर यह सब ‘दूसरों’ के लिए ही है।

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