मंत्री का सदन में इनकार, लेकिन RTI खोल रही पोल! सरकारी दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दी जा रही दवाओं की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल उठा है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विधानसभा में 9M India Limited की दवाओं पर कोई शिकायत न होने का बयान दिया, लेकिन RTI दस्तावेज इस दावे को पूरी तरह खारिज कर रहे हैं।

15 जुलाई को विधानसभा में BJP विधायक पुरंदर मिश्रा ने पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा था कि 1 अप्रैल 2022 से 31 दिसंबर 2025 के बीच इस कंपनी की दवाओं में कोई गड़बड़ी की शिकायत नहीं मिली।

RTI से खुलासा द लेंस को मिले दस्तावेजों के मुताबिक:

  • दुर्ग जिले में 16 दिसंबर 2022 को Dicyclomine HCL Tablet 10mg (कोड D-172) की शिकायत।
  • मुख्यमंत्री के गृह जिले जशपुर में भी इसी दवा को लेकर दो बार शिकायतें (दिसंबर 2022 और मार्च 2023)।
  • महासमुंद, गरियाबंद समेत कई जिलों से कुल 15 से ज्यादा शिकायतें दर्ज।
    विभाग ने कुछ दवाओं का परीक्षण कराने और वितरण पर रोक लगाने के आदेश भी दिए थे।

Dicyclomine HCL पेट दर्द की आम दवा है जो रोज हजारों गरीब मरीजों को सरकारी अस्पतालों में दी जाती है।
यह मामला मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है। जब शिकायतें और जांच के आदेश मौजूद हैं, तो सदन में इनकार क्यों किया गया?

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पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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