[
The Lens
  • होम
  • लेंस रिपोर्ट
  • देश
  • दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • बिहार
  • आंदोलन की खबर
  • सरोकार
  • लेंस संपादकीय
    • Hindi
    • English
  • वीडियो
  • More
    • खेल
    • अन्‍य राज्‍य
    • धर्म
    • अर्थ
    • Podcast
Latest News
कफ सीरप तस्करी के आरोपी बाहर, अमिताभ ठाकुर सलाखों में
ऑपरेशन सिंदूर के दाग भूल भारत ने की चीनियों की आवाजाही आसान
AIIMS रायपुर को सिंगापुर में मिला ‘सर्वश्रेष्ठ पोस्टर अवॉर्ड’
डीएसपी पर शादी का झांसा देकर ठगी का आरोप लगाने वाले कारोबारी के खिलाफ जारी हुआ गिरफ्तारी वारंट
11,718 करोड़ की लागत से होगी डिजिटल जनगणना, 1 मार्च 2027 को आधी रात से होगी शुरुआत
तेलंगाना पंचायत चुनाव: कांग्रेस समर्थित उम्‍मीदवारों की भारी जीत, जानें BRS और BJP का क्‍या है हाल?
MNREGA हुई अब ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना’, जानिए कैबिनेट ने किए और क्‍या बदलाव ?
उत्तर भारत में ठंड का कहर, बर्फबारी और शीतलहर जारी, दिल्ली में ठंड और प्रदूषण की दोहरी मार
इंडिगो क्राइसिस के बाद DGCA ने लिया एक्शन, अपने ही चार इंस्पेक्टर्स को किया बर्खास्त,जानिये क्या थी वजह
ट्रैवल कारोबारी ने इंडिगो की मनमानी की धज्जियां उधेड़ी
Font ResizerAa
The LensThe Lens
  • लेंस रिपोर्ट
  • देश
  • दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • बिहार
  • आंदोलन की खबर
  • सरोकार
  • लेंस संपादकीय
  • वीडियो
Search
  • होम
  • लेंस रिपोर्ट
  • देश
  • दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • बिहार
  • आंदोलन की खबर
  • सरोकार
  • लेंस संपादकीय
    • Hindi
    • English
  • वीडियो
  • More
    • खेल
    • अन्‍य राज्‍य
    • धर्म
    • अर्थ
    • Podcast
Follow US
© 2025 Rushvi Media LLP. All Rights Reserved.
देश

संचार साथी पर संसद से सड़क तक हंगामा, विपक्ष ने बताया जासूसी का हथकंडा, बचाव में उतरे केंद्रीय मंत्री सिंधिया

अरुण पांडेय
अरुण पांडेय
Published: December 2, 2025 5:28 PM
Last updated: December 2, 2025 9:49 PM
Share
Sanchar Saathi app
SHARE

नई दिल्‍ली। मोबाइल फोन में Sanchar Saathi app इंस्‍टाल करने की अनिवार्यता से उठे विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज संसद भवन के बाहर मीडिया को साफ किया किया कि कोई बाध्‍यता नहीं है। इससे पहले विपक्ष इस एप को लेकर सरकार पर जासूसी के आरोप लगा चुका है।

संसद से लेकर सड़क तक हंगामा देखने को मिल चुका है। सांसद रेणुका चौधरी ने राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस देकर इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की। वहीं कांग्रेस ने नियम 267 के तहत चर्चा का दबाव बनाया है, जिसके तहत अन्य सभी काम स्थगित कर इस विषय पर बहस हो सके।

भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने साफ किया है कि अब देश में बिकने वाले हर नए स्मार्टफोन में “संचार साथी” ऐप पहले से इंस्टॉल करना अनिवार्य होगा। कंपनियों को यह सुनिश्चित करना पड़ेगा कि फोन पहली बार चालू करने या सेटअप के दौरान यह ऐप यूजर के सामने आए और इसे न तो छिपाया जा सके, न डिलीट किया जा सके और न ही डिसेबल किया जा सके। पहले से बिक चुके फोन में यह ऐप OTA अपडेट के जरिए पहुंचाया जाएगा।

सरकार का दावा है कि यह ऐप मूल रूप से साइबर ठगी, फर्जी सिम और चोरी के फोन को ट्रैक करने व ब्लॉक करने के लिए बनाया गया है। जनवरी 2025 में लॉन्च होने के बाद से इसे 5 करोड़ से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं। इसके जरिए अब तक 7 लाख से अधिक खोए-चोरी हुए फोन बरामद हो चुके हैं, 3 करोड़ से ज्यादा फर्जी मोबाइल कनेक्शन डी-एक्टिवेट किए गए हैं और 37 लाख से ज्यादा चोरी के डिवाइस ब्लॉक किए जा चुके हैं।

संचार साथी ऐप सीधे सरकार के CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) सिस्टम से जुड़ा हुआ है, जिसमें देश के हर फोन का IMEI नंबर दर्ज होता है। ऐप खोलते ही यह OTP के जरिए आपका नंबर वेरिफाई करता है, फिर IMEI चेक करता है कि फोन चोरी का तो नहीं या ब्लैकलिस्टेड तो नहीं। यह फर्जी हैंडसेट खरीदने से बचाता है और साइबर फ्रॉड की शिकायत करने की सुविधा भी देता है।

विपक्ष हमलावर, सिंधिया ने क्‍या कहा

Big Brother cannot watch us. This DoT Direction is beyond unconstitutional.

The Right to Privacy is an intrinsic part of the fundamental right to life and liberty, enshrined in Article 21 of the Constitution.

A pre-loaded government app that cannot be uninstalled is a… pic.twitter.com/kx33c7fmda

— K C Venugopal (@kcvenugopalmp) December 1, 2025

इस फैसले पर विपक्ष ने तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने इसे निजता पर हमला बताया है। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि अनुच्छेद 21 के तहत मिला निजता का अधिकार इससे प्रभावित हो रहा है। उन्होंने इसे नागरिकों की जासूसी का औजार बताया। शिवसेना (UBT) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इसे “बिग ब्रदर” वाली निगरानी करार दिया। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे सीधे “स्नूपिंग ऐप” कहा और आरोप लगाया कि सरकार लोगों की निजी जिंदगी में झांक रही है।

दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने साफ किया है कि यह ऐप किसी की जासूसी नहीं करता, न कॉल रिकॉर्ड करता है, न लोकेशन ट्रैक करता है। यह सिर्फ साइबर सुरक्षा और फ्रॉड से बचाव के लिए है। DoT का कहना है कि इसका मकसद लोगों को नकली फोन और दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग से बचाना है।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने विपक्ष के रवैये पर तीखा हमला बोला। उनका कहना था कि विपक्ष को नित नए बहाने बनाकर सदन की कार्रवाई रोकने की कोई जरूरत नहीं है। सभी विषय गंभीर हैं, मगर संसद को लगातार ठप करना सही तरीका नहीं है।

उन्होंने आगे कहा, “हम विपक्षी नेताओं से लगातार बातचीत कर रहे हैं, मैं खुद उनसे संपर्क में हूं। उनके मुद्दों को हल्के में नहीं लिया जा रहा, लेकिन देश के सामने सिर्फ एक ही समस्या नहीं है, कई अहम मामले हैं जिन पर चर्चा होनी चाहिए।”

TAGGED:DoTSanchar Saathi appTop_News
Previous Article 15 साल पहले पन्ने पर छाए रहे अब क्यों भीतर नजर आए डॉ.रमन सिंह?
Next Article Prime Minister's Office to be called 'Seva Teerth पीएमओ कार्यालय अब कहलायेगा ‘सेवा तीर्थ’, राज्यों के राजभवन अब हो जाएंगे ‘लोकभवन’
Lens poster

Popular Posts

छत्तीसगढ़ के रिसाली नगर निगम में कांग्रेस को बड़ा झटका, एमआईसी सीमा साहू भाजपा में शामिल

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के रिसाली नगर निगम में कांग्रेस की शहरी सरकार को उस समय करारा…

By Lens News

इंडिगो की 200 उड़ानों में कटौती, नहीं लगा जुर्माना

नेशनल ब्यूरो। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो को अपने परिचालन में 10 प्रतिशत की…

By आवेश तिवारी

देश के कई राज्य आज गर्मी से बेहाल, नार्थ ईस्ट में भारी बारिश और बाढ़ की चेतावनी, मुंबई में तेज आंधी का रेड अलर्ट

लेंस डेस्क । देशभर में गर्मी का कहर जारी है लेकिन कुछ हिस्सों में बारिश…

By पूनम ऋतु सेन

You Might Also Like

navneet chaturvedi case
देश

सोशल मीडिया पर वायरल फॉर्म कैसे बना नवनीत चतुर्वेदी के लिए फंदा?  

By अरुण पांडेय
EOW
छत्तीसगढ़

रायपुर कोर्ट से भीड़ का फायदा उठाकर आर्म्स एक्ट का आरोपी फरार

By दानिश अनवर
Assam Polygamy News
अन्‍य राज्‍य

असम में बहुविवाह पर बैन, कैबिनेट में नया विधेयक पास

By पूनम ऋतु सेन
जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक की तबीयत बिगड़ने की खबर है। उन्हें दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अन्‍य राज्‍य

J&K के पूर्व राज्यपाल की बिगड़ी तबियत, भ्रष्टाचार मामले में CBI कर रही जांच   

By Lens News Network

© 2025 Rushvi Media LLP. 

Facebook X-twitter Youtube Instagram
  • The Lens.in के बारे में
  • The Lens.in से संपर्क करें
  • Support Us
Lens White Logo
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?