नेशनल ब्यूरो । नई दिल्ली
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले ही कांग्रेस को राज्य में बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस विधायक दल के नेता और कदवा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार शकील अहमद खान ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
शकील अहमद खान ने पत्र में कांग्रेस अध्यक्ष को लिखा है, ‘आपको स्मरण होगा मैंने 16 अप्रैल 2023 को पार्टी को अवगत कराया था कि अब मैं आगे कोई चुनाव नहीं लड़ूंगा। हाल ही में मैंने बताया था कि मेरे तीनों पुत्र कनाडा में बसते हैं और उनमें से किसी को भी राजनीति में रुचि नहीं है। इसलिए वे भी चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन मैं आजीवन कांग्रेस से जुड़ा रहूंगा हालांकि अब ऐसा संभव नहीं दिखता। मैंने अत्यंत दुखी हृदय से कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र देने का निर्णय लिया है।‘
उन्होंने पत्र में साफ किया कि पार्टी से त्याग पत्र देने का मतलब यह कतई नहीं कि वो किसी अन्य दल या संगठन में जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने पूर्वजों की भांति उन्हें कांग्रेस की नीतियों और विचारधारा में पूर्ण श्रद्धा है और जीवन भर कांग्रेस की नीतियों के समर्थक रहेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनका आखिरी मतदान भी कांग्रेस को ही होगा।
शकील अहमद खान ने याद दिलाया कि उनके पिता पार्टी में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उनके देहांत के बाद खुद उन्होंने भी पार्टी में कई जिम्मेदार भूमिकाएं निभाईं। कांग्रेस का विधायक और सांसद भी रहे। बतौर शकील अहमद खान उन्होंने पार्टी की सदस्यता छोड़ने का निर्णय पहले ही ले लिया था। लेकिन बिहार चुनाव खत्म होने का इंतजार किया, जिससे पार्टी को नुकसान न हो।
शकील अहमद खान ने यह भी कहा कि तबीयत खराब होने की वजह से वह इस चुनाव में प्रचार नहीं सके, लेकिन उम्मीद है कि इस बार कांग्रेस की सीटें बढ़ेंगी और गठबंधन की सरकार बनेगी।

