नई दिल्ली । लाल किले के विस्फोट (Red Fort Blast) को लेकर अलग अलग राजनीतिक दलों ने गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफा मांगा है। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने अमित शाह से इस्तीफा मांगते हुए लिखा है कि भारत में शायद ही कोई ऐसा गृह मंत्री हुआ होगा जिसके कार्यकाल में कानून-व्यवस्था की इतनी सारी गड़बड़ियाँ हुई हों और फिर भी वह ज़िम्मेदारी लिए बिना पद पर बना हुआ हो। उन्होंने कहा कि यह हमारी आंतरिक सुरक्षा की ज़िम्मेदारी संभालने वालों की पूरी तरह से विफलता है। और जवाबदेही की माँग करने के बजाय, भाजपा का पूरा ऑनलाइन टूलकिट ध्यान भटकाने और भटकाने में लगा हुआ है।
प्रियांक ने दावा किया कि गृह मंत्री को दरवाज़ा न दिखाए जाने का एकमात्र कारण यह है कि उनके पास प्रधानमंत्री मोदी के बारे में ठोस ‘खुफिया जानकारी’ है। अगर सचमुच छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो प्रधानमंत्री को इसे दिखाने दें। कार्रवाई करें। गृह मंत्री को जवाबदेह ठहराएँ। उन्हें बर्खास्त करें।
इस देश को पार्ट टाइम प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की जरूरत नहीं है। लाल किले पर हुए आतंकी हमले में कई लोगों की जान चली गई और तमाम लोग LNJP अस्पताल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं। संजय सिंह ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री की संवेदनहीनता तो देखिए कि ऐसे समय में वह भूटान में वहाँ के राजा के जन्मदिन में शामिल होने चले गए। इस देश को पार्ट टाइम प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की जरूरत नहीं है। PM ज्यादातर विदेश दौरे पर रहते हैं और गृह मंत्री सरकार गिराने में व्यस्त रहते हैं।
समाजवादी पार्टी के आईपी सिंह ने दिल्ली में लाल किला मेट्रो के गेट नंबर 1 के पास हुए धमाके के बाद गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा मांगा है। सोशल मीडिया साइट एक्स पर सिंह ने लिखा कि गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली में हुए ब्लास्ट में हुई मौतों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें। अभी तक वे हर मोर्चे पर विफल साबित हुए।

