नई दिल्ली। लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को एक कार में हुए धमाके ने पूरे देश को हिला दिया। इस धमाके में 12 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा घायल हुए हैं। जांच में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का नाम सामने आ रहा है। जम्मू-कश्मीर से हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैले नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस ने कई डॉक्टरों समेत आठ से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया।
10 नवंबर की शाम करीब 6:52 बजे लाल किले मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास एक ह्युंडई i20 कार में जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद आग लग गई। आग को बुझाने में 37 मिनट लगे। धमाके से आसपास की दुकानें और इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। शुरुआती रिपोर्ट में 8 मौतें बताई गईं, लेकिन बाद में आंकड़ा 12 तक पहुंच गया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। दिल्ली पुलिस ने इलाके को घेर लिया और फॉरेंसिक टीम ने साइट से नमूने इकट्ठा किए।
कार धमाके में अब तक 6 मृतकों की पहचान हो चुकी है। जिसमें मेरठ के मोहसिन, अशोक कुमार जो बस कंडक्टर थे, अमरोहा के रहने वाले थे। अमरोहा के ही लोकेश, 34 साल के दिनेश मिश्रा श्रावस्ती से, 22 साल के उबर ड्राइवर पंकज और अमर कटारिया का नाम है। ई-रिक्शा चालक मोहम्मद जुमान लापता लोगों में शामिल हैं।

तारीख दर तारीख क्या हुआ?
19 अक्टूबर 2025: अनंतनाग के सीनियर डॉक्टर आदिल मोहम्मद ने श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर लगाए। जिसकी भनक सुरक्षा एजेंसियों को लगी। जांच शुरू हुई, सीसीटीवी फुटेज से उसकी पहचान हुई।
6 नवंबर 2025: दिल्ली पुलिस की सर्विलांस टीम ने आदिल को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया। उसके अनंतनाग अस्पताल के लॉकर से एक राइफल और संवेदनशील सामान बरामद हुआ। पूछताछ में फरीदाबाद के डॉक्टर मुजम्मिल शकील का नाम सामने आया।
9 नवंबर 2025: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पुलवामा-अनंतनाग इलाके में छापेमारी की। 2,900 किलो आईईडी बनाने वाली सामग्री, 350 किलो अमोनियम नाइट्रेट, एक AK-47 राइफल और गोलियां बरामद हुईं। सात स्थानीय लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो जेईएम के इंटर-स्टेट मॉड्यूल से जुड़े थे।
10 नवंबर 2025: शाम 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार ब्लास्ट हुआ। तुरंत दिल्ली में हाई अलर्ट होता है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फरीदाबाद के अल-फलाह मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर उमर मोहम्मद (पुलवामा का रहने वाला) को पकड़ा, जो कार को पार्क करने का आरोपी था।
11 नवंबर 2025: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को केस सौंपा गया। गृहमंत्री अमित शाह ने हाई-लेवल मीटिंग बुलाई। फरीदाबाद से डॉक्टर मुजम्मिल गनाई उर्फ शकील और अन्य को गिरफ्तार किया। पूरे देश में छापे शुरू हुई।
आगे की जांच: मीडिया खबरों के अनुसार, अधिकारी अब उस टेलीग्राम ग्रुप के बाकी सदस्यों की तलाश कर रहे हैं, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर संपर्क के लिए किया जा रहा था। वे जानना चाहते हैं कि यह ग्रुप कब से चल रहा है और इसे कौन चला रहा था। जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि क्या उमर, मुजम्मिल या आदिल ने दिल्ली में खुद निगरानी की थी या इसके लिए किसी स्थानीय व्यक्ति की मदद ली गई थी।
गिरफ्तारियां और आरोपी डॉक्टरों की भूमिका
जांच में सामने आया कि आरोपी डॉक्टर जेईएम के लिए काम कर रहे थे। फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में डॉक्टर मुजम्मिल शकील (35, पुलवामा का) को जेईएम का भारत में महिला विंग और रिक्रूटमेंट का जिम्मा सौंपा गया था। उमर मोहम्मद (पुलवामा, 1989 जन्म) ने कार को तीन घंटे पहले पार्क किया था। अनंतनाग के डॉक्टर आदिल मोहम्मद ने नेटवर्क को लिंक किया। कुल आठ गिरफ्तारियां हुईं, जिनमें जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और यूपी के लोग शामिल हैं। मुजम्मिल के परिवार ने आरोपों को नकारा है, लेकिन पुलिस कहती है कि कार्रवाई पुख्ता सबूतों के आधार पर की गई है।
FIR में क्या है?
अमर उजाला की खबर के अनुसार, एफआईआर में दर्ज है कि विस्फोट से दिल्ली पुलिस की चौकी की दीवार को नुकसान पहुंचा। शिकायत करने वाले लाल किले की चौकी के इंचार्ज विनोद नैन हैं। एफआईआर के मुताबिक, एक तेज धमाका हुआ, जिससे चौकी की दीवार गिर गई। पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो देखा कि कई गाड़ियां आग की लपटों में थीं और घायल लोग सड़क पर बिखरे पड़े थे। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, वह कार 10 नवंबर को दोपहर 3:19 बजे पार्किंग में दाखिल हुई थी और शाम 6:48 बजे बाहर निकली। इसके सिर्फ चार मिनट बाद ठीक 6:52 बजे सुभाष मार्ग पर चौराहे पर रेड लाइट के पास उसमें जोरदार ब्लास्ट हो गया। धमाके की लपेट में आसपास खड़ी कई अन्य गाड़ियां भी आ गईं। यह हादसा लाल किला मेट्रो स्टेशन के करीब शाम करीब 6:52 बजे हुआ। विस्फोट के बाद व्यस्त सड़क पर लाशें बिखरी मिलीं, जिनके शरीर के टुकड़े चारों तरफ फैले थे। कई वाहन जलकर राख हो गए। मौके के दृश्य बेहद भयावह थे, जहां जमीन पर क्षत-विक्षत शव और अंग बिखरे दिखे।
गृहमंत्री अमित शाह ने क्या कहा ?

11 नवंबर को गृहमंत्री शाह ने दिल्ली में हाई-लेवल सिक्योरिटी रिव्यू मीटिंग की। इसमें एनआईए, दिल्ली पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस और आईबी के टॉप अधिकारी शामिल हुए। मीटिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत करने, बॉर्डर चेक और टेरर फंडिंग रोकने पर चर्चा हुई। शाह ने एजेंसियों को ‘जीरो टॉलरेंस’ का निर्देश दिया। पीएम मोदी ने भी केंद्रीय मंत्रियों से बात की। जांच जारी है, और अगले कुछ दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “हर एक अपराधी को ढूंढ निकालना है। दोषियों को एजेंसियों की पूरी ताकत का सामना करना पड़ेगा।” उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के हवाले से ‘षड्यंत्र’ का जिक्र किया और वादा किया कि दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। शाह ने ब्लास्ट साइट का दौरा भी किया।
सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून) और विस्फोटक अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की। एनआईए ने जांच संभाली और जेईएम के फिदायीन एंगल पर फोकस किया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 3,000 किलो से ज्यादा विस्फोटक बरामद किया है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता समेत बड़े शहरों में हाई अलर्ट है। सीसीटीवी, सर्विलांस और इंटर-स्टेट रेड्स से बाकी साजिशकर्ताओं को तलाशा जा रहा है। फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) में ब्लास्ट के नमूने की जांच कर रही है।

