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दुनियासाहित्य-कला-संस्कृति

हंगरी के डेविड स्ज़ालय के उपन्यास ‘फ्लेश’ को मिला 2025 का बुकर पुरस्कार

पूनम ऋतु सेन
पूनम ऋतु सेन
Byपूनम ऋतु सेन
पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की...
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Published: November 11, 2025 9:36 AM
Last updated: November 11, 2025 9:36 AM
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Booker prize 2025 Winner: ब्रिटिश-हंगेरियन लेखक डेविड स्ज़ालय को उनकी किताब ‘फ्लेश’ के लिए 2025 का बुकर पुरस्कार मिला है। लंदन के ओल्ड बिलिंग्सगेट में हुए समारोह में जजों ने इसे ‘ अद्भुत और अनोखी’ रचना कहा है। 51 साल के स्ज़ालय कनाडा में पैदा हुए, लंदन में बड़े हुए और अब वियना में रहते हैं। यह उनकी छठी किताब है। पुरस्कार की राशि 50,000 पाउंड (करीब 53 लाख रुपये) है।

खबर में खास
किताब में क्या है?हंगरी का दबदबा

किताब में क्या है?

‘फ्लेश’ की कहानी एक साधारण हंगरी युवक इश्तवान की है। वह गरीब घर से निकलकर लंदन की अमीरी तक पहुँचता है। बीच में आता है, प्यार, पैसा, जेल, नौकरी और अकेलापन। लेखक ने बहुत कम शब्दों में गहरी बात कही है। जजों ने कहा, ‘ यह किताब खाली जगहों का भी इस्तेमाल करती है जो न कहा गया, वह भी बोलता है।’ पॉप स्टार दुआ लीपा ने इसे अपने बुक क्लब में चुना था।

हंगरी का दबदबा

यह साल हंगरी साहित्य के लिए यादगार है। अक्टूबर में लाज़लो क्रास्नाहोरकाई को नोबेल साहित्य पुरस्कार मिला था। अब स्ज़ालय की जीत ने हंगरी की लेखन को दुनिया के सामने और मजबूत किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस जीत के बाद स्ज़ालय ने कहा, ‘मैं हंगरी में भी पूरी तरह अपना नहीं लगता, न लंदन में। यह किताब उसी बेचैनी की है।’।

बुकर जज रॉडी डोयल ने इस अवसर पर बताया, ‘हमने 158 किताबों में से 6 चुनीं, फिर ‘फ्लेश’ को सर्वश्रेष्ठ माना।’ यह पेंगुइन की इम्प्रिंट जोनाथन केप की 10वीं बुकर जीत है। किताब की बिक्री अब तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।

भारतीय पाठकों के लिए

हिंदी अनुवाद अभी नहीं आया लेकिन अंग्रेजी संस्करण ऑनलाइन उपलब्ध है। जो लोग आज की जिंदगी, प्रवास और अकेलेपन की कहानियाँ पढ़ना चाहते हैं, उनके लिए यह किताब है।

TAGGED:Booker prize 2025 WinnerHungarian writer davidLatest_News
Byपूनम ऋतु सेन
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पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।
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