[
The Lens
  • होम
  • लेंस रिपोर्ट
  • देश
  • दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • बिहार
  • आंदोलन की खबर
  • सरोकार
  • लेंस संपादकीय
    • Hindi
    • English
  • वीडियो
  • More
    • खेल
    • अन्‍य राज्‍य
    • धर्म
    • अर्थ
    • Podcast
Latest News
कफ सीरप तस्करी के आरोपी बाहर, अमिताभ ठाकुर सलाखों में
ऑपरेशन सिंदूर के दाग भूल भारत ने की चीनियों की आवाजाही आसान
AIIMS रायपुर को सिंगापुर में मिला ‘सर्वश्रेष्ठ पोस्टर अवॉर्ड’
डीएसपी पर शादी का झांसा देकर ठगी का आरोप लगाने वाले कारोबारी के खिलाफ जारी हुआ गिरफ्तारी वारंट
11,718 करोड़ की लागत से होगी डिजिटल जनगणना, 1 मार्च 2027 को आधी रात से होगी शुरुआत
तेलंगाना पंचायत चुनाव: कांग्रेस समर्थित उम्‍मीदवारों की भारी जीत, जानें BRS और BJP का क्‍या है हाल?
MNREGA हुई अब ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना’, जानिए कैबिनेट ने किए और क्‍या बदलाव ?
उत्तर भारत में ठंड का कहर, बर्फबारी और शीतलहर जारी, दिल्ली में ठंड और प्रदूषण की दोहरी मार
इंडिगो क्राइसिस के बाद DGCA ने लिया एक्शन, अपने ही चार इंस्पेक्टर्स को किया बर्खास्त,जानिये क्या थी वजह
ट्रैवल कारोबारी ने इंडिगो की मनमानी की धज्जियां उधेड़ी
Font ResizerAa
The LensThe Lens
  • लेंस रिपोर्ट
  • देश
  • दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • बिहार
  • आंदोलन की खबर
  • सरोकार
  • लेंस संपादकीय
  • वीडियो
Search
  • होम
  • लेंस रिपोर्ट
  • देश
  • दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • बिहार
  • आंदोलन की खबर
  • सरोकार
  • लेंस संपादकीय
    • Hindi
    • English
  • वीडियो
  • More
    • खेल
    • अन्‍य राज्‍य
    • धर्म
    • अर्थ
    • Podcast
Follow US
© 2025 Rushvi Media LLP. All Rights Reserved.
अन्‍य राज्‍य

मध्य प्रदेश में बचे सिर्फ 3052 गधे, 9 जिलों में तो एक भी नहीं

अरुण पांडेय
अरुण पांडेय
Published: October 23, 2025 7:44 PM
Last updated: October 23, 2025 7:44 PM
Share
Donkey in Madhya Pradesh
SHARE

भोपाल। मध्य प्रदेश में ताजा पशु गणना में सामने आया है कि तीन दशकों में राज्‍य में गधों की तादात में भारी कमी आई है। जहां 1997 में गधों की संख्या 49,289 थी, वहीं अब यह घटकर केवल 3,052 रह गई है, जो करीब 94 फीसदी की गिरावट को दर्शाता है।

राज्य के 55 जिलों में से 9 जिलों में गधों का आंकड़ा शून्य दर्ज हुआ है, यानी वहां गधे अब लगभग खत्म हो चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में परंपरागत रूप से परिवहन और व्यापार के लिए अहम रहे गधों की संख्या में यह कमी चिंता का विषय है।

विशेषज्ञों का कहना है कि गधों की संख्या में कमी का एक प्रमुख कारण चीन में उनकी खाल की बढ़ती मांग है। चीन के “एजियाओ” उद्योग में गधों की खाल से बनने वाला जिलेटिन पारंपरिक दवाइयों, कामोत्तेजक और उम्र-रोधी क्रीमों में इस्तेमाल होता है। इस मांग ने गधों के शिकार को बढ़ावा दिया है, जिससे उनकी संख्या तेजी से घटी है।

यह गिरावट न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन के लिए भी खतरा बन रही है। गधे लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में ढुलाई, खेती और निर्माण कार्यों में सहायक रहे हैं, और उनकी घटती संख्या से श्रम व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।

पशु गणना के मुताबिक, नर्मदापुरम जिला गधों की संख्या में सबसे आगे है, जहां 332 गधे हैं। इसके बाद छतरपुर (232), रीवा (226) और मोरना (228) का नंबर आता है। विदिशा, जो कभी गधों के लिए मशहूर था और जहां 6,400 से ज्यादा गधे थे, वहां अब सिर्फ 171 गधे बचे हैं। भोपाल में केवल 56 गधे शेष हैं। वहीं, डिंडोरी, निवाड़ी, सिवनी, हरदा और उमरिया जैसे जिले अब गधों से पूरी तरह खाली हो चुके हैं।

अन्य पशुओं का हाल

पशु गणना के अनुसार, राज्य में कुल 3.75 करोड़ पशु हैं, जिनमें 1.57 करोड़ गायें, 1.02 करोड़ भैंसें, 1.09 करोड़ बकरियां, 5.58 लाख भेड़ें, 9,971 घोड़े, 972 खच्चर, 2,896 ऊंट और 89,177 सूअर शामिल हैं। जहां अन्य पशुओं की संख्या स्थिर या बढ़ रही है, वहीं गधों की तादाद लगातार कम हो रही है।

TAGGED:Big_NewsDonkey in Madhya Pradesh
Previous Article Raipur Police महिला ने फांसी लगाकर की खुदकुशी, फांसी से पहले वीडियो बनाकर पति और ससुर पर लगाए आरोप
Next Article बिहार में नीतीश बनाम तेजस्वी का मतलब
Lens poster

Popular Posts

छत्तीसगढ़ में पहली बार DG-IG कॉन्फ्रेंस कल से, PM मोदी करेंगे शिरकत, दो दिन नवा रायपुर में रहेंगे, शाह, डोभाल भी होंगे मौजूद, स्पीकर हाउस बना अस्थाई पीएमओ

रायपुर। छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में कल से तीन दिन तक यानी कि 28 से…

By दानिश अनवर

छत्तीसगढ़ में सड़क हादसे में वन मंत्री के भतीजे की मौत

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार में वन मंत्री केदार कश्यप के भतीजे की सड़क हादसे में मौत…

By नितिन मिश्रा

कमलनाथ का भांजा और बीजेपी की चुप्पी

बीते एक दशक से देश की सियासत में नए किस्म की प्रवृत्ति देखने को मिल…

By राजेश चतुर्वेदी

You Might Also Like

अन्‍य राज्‍य

दीवाली के बीच दिल्ली की हवा हुई जहरीली,कई इलाकों में AQI 300 के पार, GRAP-2 नियम लागू

By पूनम ऋतु सेन
अन्‍य राज्‍य

तेलंगाना पुलिस ने मेधा पाटकर को क्‍यों दी इलाका छोड़ने की सलाह  

By The Lens Desk
दुनिया

अमेरिका से तीसरे जत्‍थे में 112 अवैध प्रवासियों की वापसी, हरियाणा-गुजरात के सबसे ज्‍यादा, अब तक 335 लौटाए गए

By The Lens Desk
Rajya Sabha Nomination
देश

डॉ. मीनाक्षी जैन, पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन, सदानंदन मास्टर और उज्ज्वल निकम राज्यसभा के लिए मनोनीत

By दानिश अनवर

© 2025 Rushvi Media LLP. 

Facebook X-twitter Youtube Instagram
  • The Lens.in के बारे में
  • The Lens.in से संपर्क करें
  • Support Us
Lens White Logo
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?