[
The Lens
  • होम
  • लेंस रिपोर्ट
  • देश
  • दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • बिहार
  • आंदोलन की खबर
  • सरोकार
  • लेंस संपादकीय
    • Hindi
    • English
  • वीडियो
  • More
    • खेल
    • अन्‍य राज्‍य
    • धर्म
    • अर्थ
    • Podcast
Latest News
Delhi Air Pollution: मेसी के कार्यक्रम में दर्शकों ने लगाए AQI-AQI के नारे, CM रेखा स्‍टेडियम में थीं मौजूद
शिवराज न तो नड्डा हैं न नबीन…!
राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय रहे पूर्व सांसद डॉ. रामविलास वेदांती का निधन
पंकज चौधरी को यूपी भाजपा का अध्यक्ष बनाने के पीछे कौन सी राजनीति है?
अब VB-G RAM G के नाम से जानी जाएगी MGNREGA, सांसदों को बांटी गई बिल की कॉपी
तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी और हत्याएं: डॉ. दिनेश मिश्र
नितिन नबीन: छत्तीसगढ़ की जीत से लेकर वंशवाद और आरएसएस की पसंद के सवाल तक
संगीता बरूआ बनीं प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की पहली महिला अध्यक्ष
DSP कल्पना वर्मा–दीपक टंडन केस : आरोप लगाने वाले दीपक टंडन के अतीत पर उठे गंभीर सवाल, फर्जीवाड़े से लेकर घोटालों के नेटवर्क तक चर्चा
छत्तीसगढ़ आईपीएस प्रखर पांडेय का हृदयघात से आकस्मिक निधन
Font ResizerAa
The LensThe Lens
  • लेंस रिपोर्ट
  • देश
  • दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • बिहार
  • आंदोलन की खबर
  • सरोकार
  • लेंस संपादकीय
  • वीडियो
Search
  • होम
  • लेंस रिपोर्ट
  • देश
  • दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • बिहार
  • आंदोलन की खबर
  • सरोकार
  • लेंस संपादकीय
    • Hindi
    • English
  • वीडियो
  • More
    • खेल
    • अन्‍य राज्‍य
    • धर्म
    • अर्थ
    • Podcast
Follow US
© 2025 Rushvi Media LLP. All Rights Reserved.
देश

दीवाली की रौनक में घुला जहर, दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर, 4 साल में सबसे ज्यादा प्रदूषण

पूनम ऋतु सेन
पूनम ऋतु सेन
Byपूनम ऋतु सेन
पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की...
Follow:
Published: October 22, 2025 12:35 PM
Last updated: October 22, 2025 12:35 PM
Share
SHARE

Delhi world’s most polluted city: दिये की लौ से रोशन होने वाली दीवाली इस बार दिल्ली-एनसीआर में जहरीली धुंध और कानफोड़ू शोर की भेंट चढ़ गई। सुप्रीम कोर्ट के ‘ग्रीन पटाखों’ वाले सख्त नियम और सरकारों के चमकदार वादों के बीच, पटाखों की बौछार ने हवा को दमघोंटू बना दिया। नतीजा? दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर साबित हुआ जहां सूक्ष्म कणों का स्तर सामान्य से 59 गुना ज्यादा पहुंच गया। यह सिर्फ एक रात की कहानी नहीं यह भारत के करोड़ों शहरवासियों की सर्दी भर की जद्दोजहद है, जहां खुशियां प्रदूषण की भारी कीमत पर बिक रही हैं।

खबर में खास
जहरीली दिवाली जो सांसों को दम तोड़ रही हैप्रदूषण के जिम्मेदार: पटाखे ही नहीं, कई वजहेंकानफोड़ू पटाखों ने तोड़ीं सारी सीमाएंप्रदूषण से लड़ने का वक्त आ गया

जहरीली दिवाली जो सांसों को दम तोड़ रही है

दीवाली की रात को पटाखों की चमक ने आसमान रंगीन कर दिया, लेकिन हवा को काला कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और आसपास के इलाकों के लिए सिर्फ ‘ग्रीन पटाखों’ की अनुमति दी थी वो पटाखे जो कम धुआं फैलाते हैं और वो भी सिर्फ शाम 8 से रात 10 बजे तक। लेकिन हकीकत में नियमों की ऐसी अनदेखी की गई कि आधी रात के बाद भी धमाके गूंजते रहे। नतीजा? दिल्ली-एनसीआर में हवा का हाल इतना बुरा हो गया कि पीएम 2.5 (सूक्ष्म कण जो फेफड़ों में घुसकर बीमारियां फैलाते हैं) का स्तर कई जगहों पर सामान्य से 30 गुना ज्यादा पहुंच गया।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों से साफ है कि यह पिछले चार सालों में सबसे बुरा प्रदर्शन था। 2021 में पीएम 2.5 का स्तर 728 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंचा था, लेकिन 2025 में रात 11 बजे से 1 बजे के बीच यह 675 तक जा पहुंचा। मंगलवार सुबह दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 351 पर पहुंच गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है।

स्विस कंपनी आईक्यूएयर के मुताबिक दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बना, जहां पीएम 2.5 विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक से 59 गुना ज्यादा था।एनसीआर के बाकी शहरों का हाल भी कुछ बेहतर नहीं। गुरुग्राम में एक्यूआई 370, गाजियाबाद 324, नोएडा 320, और फरीदाबाद 268 रहा। हरियाणा के जींद में तो 421 तक पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ स्तर है।

उत्तर प्रदेश के हापुड़ (314) और गुजरात के नंदेसरी (303) जैसे शहर भी इस लिस्ट में शामिल हैं। पूरे देश में 264 शहरों में से करीब 200 में एक्यूआई ‘बहुत खराब’ या उससे ऊपर था। नोएडा, लखनऊ, मेरठ जैसे शहरों ने भी हवा को जहरीला बना दिया।

प्रदूषण के जिम्मेदार: पटाखे ही नहीं, कई वजहें

पटाखे का योगदान: ग्रीन पटाखों के नाम पर नकली और पारंपरिक पटाखे बाजार में बिके और फूटे। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने कहा कि पटाखे मुख्य वजह नहीं, लेकिन आंकड़े कुछ और कहते हैं।
पराली जलाना: पंजाब में 10 दिनों में पराली जलाने की घटनाएं 353 तक पहुंच गईं, तीन गुना बढ़ोतरी। लेकिन आईआईटी-कानपुर के अध्ययन से पता चला कि दिवाली पर इसका योगदान सिर्फ 0.8% था।

भारत में नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) के तहत 134 शहरों में पीएम10 को 40% कम करने का लक्ष्य है, लेकिन दिवाली ने दिखा दिया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद प्लान फेल हो रहे हैं। आने वाले दिनों में हवा ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ के बीच रहेगी।

कानफोड़ू पटाखों ने तोड़ीं सारी सीमाएं

हवा के साथ-साथ दिवाली ने कान भी दुखाए। पटाखों के धमाकों ने शोर का स्तर इतना बढ़ा दिया कि दिल्ली के 26 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 23 पर सामान्य सीमा टूट गई। रात में शांत इलाकों में 40 डेसिबल (डीबी) की सीमा होनी चाहिए, लेकिन हकीकत में यह दोगुना हो गया।

सबसे ज्यादा शोर कहां?

करोल बाग में रात 11 बजे 93.5 डीबी पहुंच गया , व्यावसायिक इलाके की 55 डीबी सीमा से कहीं ज्यादा। औसत 88.4 डीबी रहा, जो पिछले साल से लगभग वैसा ही। बवाना में 77.9 डीबी, और श्री अरबिंदो मार्ग पर 75.7 डीबी तक।
पिछले सालों से तुलना: 2024 में 22 स्टेशन प्रभावित, 2023 में 13। इस बार बढ़ोतरी हुई। आधी रात के बाद भी धमाके जारी रहे।
अलीगढ़: यूपी के इस शहर में साइलेंस जोन (एएमयू) में 61 डीबी, आवासीय इलाके में 76 डीबी, और व्यावसायिक सासनी गेट में 83.6 डीबी। सभी जगह दोगुना से ज्यादा!

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने 2022 में कहा था कि शोर को हवा जितना ही गंभीर मानो। लेकिन दिवाली पर पटाखों ने दिखा दिया कि नियम सिर्फ कागजों पर हैं। यह शोर न सिर्फ नींद उड़ाता है, बल्कि तनाव और सुनने की क्षमता को भी नुकसान पहुंचाता है।

प्रदूषण से लड़ने का वक्त आ गया

दिल्ली-एनसीआर हर सर्दी स्मॉग की चपेट में आता है, जहां दो करोड़ से ज्यादा लोग सांस की जद्दोजहद लड़ते हैं। लेकिन यह दर्द सिर्फ राजधानी का नहीं – पंजाब-हरियाणा की पराली से लेकर यूपी-राजस्थान के कोनों तक, यह पूरे भारत की साझा चुनौती है। सरकारें ग्रीन पटाखों, पानी की फुहारें और सख्त कार्रवाई के वादे तो करती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर ये कदम अभी भी अधूरे साबित हो रहे। विशेषज्ञ चेताते हैं कि अक्टूबर-नवंबर की ठंडी, स्थिर हवाएं प्रदूषण को एक जाल की तरह जकड़ लेती हैं, जो आने वाले महीनों को और कठिन बना देती हैं।

क्या करें हम?

दिवाली को पटाखों की बजाय दीयों की रोशनी दें, पराली जलाने के बदले वैकल्पिक खेती अपनाएं और सड़कों पर कम वाहन दौड़ाएं। सरकार से सख्त निगरानी और पारदर्शी डेटा की मांग करें। दिवाली सिर्फ एक त्योहार नहीं यह प्रकाश का प्रतीक है, जो साफ हवा और शांत रातों के साथ ही सच्ची खुशियां बांट सकता है। अगर आज हमने फैसला लिया, तो अगली दिवाली ‘हरित’ और ‘मधुर’ होगी, न कि ‘काली’। डॉक्टरों की सलाह है कि प्रदूषण से बचने के लिए मास्क का उपयोग करें, बच्चों और बुजुर्गों के सेहत का ख्याल रखें, अस्थमा पीड़ितों को ज्यादा समय बंद कमरों में रखें जिससे हवाओं में घुली जहर से बचाव संभव हो।

TAGGED:CPCBdelhi pollutionDelhi world's most polluted citydiwali pollutionLatest_News
Byपूनम ऋतु सेन
Follow:
पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।
Previous Article लंदन की हिंदी साहित्य स्कालर फ्रांसेस्का ऑर्सिनी को किस उल्लंघन की वजह से नहीं मिली भारत में एंट्री?
Next Article Impact of Online E-Commerce on Local Market profit दिवाली में 6 लाख करोड़ का कारोबार लेकिन लोकल दुकानदार नाराज, क्यों ?
Ad Exhibition Lens

Popular Posts

बीजापुर में नक्सलियों ने फिर की दो ग्रामीणों की हत्या, इनमें से एक सरेंडर नक्सली

बीजापुर। बीजापुर में नक्सलियों ने शनिवार का देर रात फिर कायराना करतूत को अंजाम दिया…

By Lens News

वंदे मातरम पर चर्चाः देश जोड़िए, बांटिये नहीं

ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह आरएसएस के उस अधूरे…

By Editorial Board

A farcical gathering

The G-7 summit this year has started on a farcical basis. Earlier in the morning…

By Editorial Board

You Might Also Like

Women, crime and media sensationalism
लेंस रिपोर्ट

महिला, अपराध और मीडिया की सनसनी

By पूनम ऋतु सेन
Phalodi road accident
देश

सिर्फ दिल्ली-एनसीआर नहीं देश भर में पटाखों पर प्रतिबंध की जरूरत: सुप्रीम कोर्ट

By आवेश तिवारी
Ashish Mishra gets bail
देश

लखीमपुर खीरी हिंसा : चार किसानों को कुचलने वाले आशीष मिश्रा को दीपावली मनाने के लिए जमानत

By Lens News
देश

अप्रैल में सताने लगी भीषण गर्मी, कई जगहों पर हीटवेब के आसार

By Amandeep Singh

© 2025 Rushvi Media LLP. 

Facebook X-twitter Youtube Instagram

kofbola resmi

kofbola resmi

kofbola

link daftar bola

sabung ayam online

kyndrasteinmann.com

judi bola parlay

agen parlay

kofbola

situs toto

sbet11

toto sbet11

www.miniature-painting.net

link kofbola

daftar link kofbola

link kof bola

okohub.com

sbet11

kofbola parlay

situs bola parlay

https://p2k.itbu.ac.id/

https://www.dsultra.com/

https://stimyapim.ac.id/

  • The Lens.in के बारे में
  • The Lens.in से संपर्क करें
  • Support Us
Lens White Logo
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?