[
The Lens
  • होम
  • लेंस रिपोर्ट
  • देश
  • दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • बिहार
  • आंदोलन की खबर
  • सरोकार
  • लेंस संपादकीय
    • Hindi
    • English
  • वीडियो
  • More
    • खेल
    • अन्‍य राज्‍य
    • धर्म
    • अर्थ
    • Podcast
Latest News
कफ सीरप तस्करी के आरोपी बाहर, अमिताभ ठाकुर सलाखों में
ऑपरेशन सिंदूर के दाग भूल भारत ने की चीनियों की आवाजाही आसान
AIIMS रायपुर को सिंगापुर में मिला ‘सर्वश्रेष्ठ पोस्टर अवॉर्ड’
डीएसपी पर शादी का झांसा देकर ठगी का आरोप लगाने वाले कारोबारी के खिलाफ जारी हुआ गिरफ्तारी वारंट
11,718 करोड़ की लागत से होगी डिजिटल जनगणना, 1 मार्च 2027 को आधी रात से होगी शुरुआत
तेलंगाना पंचायत चुनाव: कांग्रेस समर्थित उम्‍मीदवारों की भारी जीत, जानें BRS और BJP का क्‍या है हाल?
MNREGA हुई अब ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना’, जानिए कैबिनेट ने किए और क्‍या बदलाव ?
उत्तर भारत में ठंड का कहर, बर्फबारी और शीतलहर जारी, दिल्ली में ठंड और प्रदूषण की दोहरी मार
इंडिगो क्राइसिस के बाद DGCA ने लिया एक्शन, अपने ही चार इंस्पेक्टर्स को किया बर्खास्त,जानिये क्या थी वजह
ट्रैवल कारोबारी ने इंडिगो की मनमानी की धज्जियां उधेड़ी
Font ResizerAa
The LensThe Lens
  • लेंस रिपोर्ट
  • देश
  • दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • बिहार
  • आंदोलन की खबर
  • सरोकार
  • लेंस संपादकीय
  • वीडियो
Search
  • होम
  • लेंस रिपोर्ट
  • देश
  • दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • बिहार
  • आंदोलन की खबर
  • सरोकार
  • लेंस संपादकीय
    • Hindi
    • English
  • वीडियो
  • More
    • खेल
    • अन्‍य राज्‍य
    • धर्म
    • अर्थ
    • Podcast
Follow US
© 2025 Rushvi Media LLP. All Rights Reserved.
अन्‍य राज्‍य

कर्नाटक : सरकारी जमीन पर नहीं लगेगी RSS शाखा, किसी भी निजी संगठन को अयोजन की अनुमति नहीं  

Lens News
Lens News
ByLens News
Follow:
Published: October 18, 2025 8:52 PM
Last updated: October 18, 2025 8:52 PM
Share
RSS BAN
SHARE

बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने सरकारी जमीन पर बगैर अनुमति निजी आयोजन को प्रतिबंधित करने वाला आदेश लागू करने का फैसला किया है। इसके लिए राज्‍य सरकार एक विस्तृत सरकारी आदेश (जीओ) जारी करने की तैयारी में है।

सिद्धारमैया सरकार के इस फैसले को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की दैनिक गतिविधियों पर रोक लगाने की मंशा से जोड़कर देखा जा रहा है। क्‍योंकि कुछ दिन पहले ही कर्नाटक के ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री प्रियांक खड़गे ने मुख्‍यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखकर इन गतिविधियों पर रोकने लगाने की मांग की थी।

Sri @BYVijayendra avare,

The problem with BJP is simple, the RSS feeds you alternate history on your WHATSAPP and none of you bother reading real history.

Let’s start with your party’s ideological godfather, Savarkar.

He didn’t call India a Motherland, he called it a… https://t.co/az5WY6zIKs

— Priyank Kharge / ಪ್ರಿಯಾಂಕ್ ಖರ್ಗೆ (@PriyankKharge) October 12, 2025

देखें खबर : प्रियांक खड़गे ने क्‍यों कर दी RSS पर प्रतिबंध की मांग?

कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कानून और संसदीय कार्य मंत्री एच के पाटिल ने कहा, “सरकार ने सार्वजनिक संपत्तियों, जिनमें शैक्षणिक संस्थानों की संपत्तियां भी शामिल हैं, उनके अनधिकृत उपयोग को रोकने और उनके इस्तेमाल को नियंत्रित करने के लिए एक जीओ जारी करने का निर्णय लिया है।”

हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि यह नियम केवल आरएसएस पर ही नहीं, बल्कि सभी निजी संगठनों और संस्थाओं पर लागू होगा जो बिना पूर्व अनुमति के सरकारी जमीन का उपयोग करते हैं।

पाटिल ने पत्रकारों को बताया कि सरकार ने स्पष्टता प्रदान करने और कुछ नियम जोड़ने के लिए यह आदेश पारित करने का फैसला किया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह निर्णय प्रियांक खड़गे के पत्र का परिणाम है, तो पाटिल ने स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए कहा, “यह एक कारण हो सकता है। आपके अखबारों में छपी खबर भी एक कारण हो सकती है। इसके कई कारण हो सकते हैं।”

एक सरकारी दस्तावेज के अनुसार, “सरकारी स्कूल, कॉलेज, सहायता प्राप्त संस्थान, खेल के मैदान, सार्वजनिक सड़कें आदि नागरिकों के उपयोग के लिए हैं। पूरे राज्य में निजी संगठन बिना संबंधित विभाग की अनुमति के, और कई मामलों में बिना सूचना के, अपनी गतिविधियों, प्रचार, प्रशिक्षण आदि के लिए इन संपत्तियों का उपयोग कर रहे हैं। इसे अनधिकृत उपयोग माना जाता है और यह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा है। इन संगठनों को पहले से अनुमति लेनी होगी।”

दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि यदि कोई गतिविधि नागरिकों के लिए हानिकारक है या उस परिसर के प्राधिकरण की आकांक्षाओं के खिलाफ है, तो अनुमति अस्वीकार की जा सकती है।

वहीं इस फैसले पर बीजेपी के कोर्ट जाने की संभावनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियांक ने कहा, “वे किस आधार पर कोर्ट जाएंगे? क्या हम बीजेपी, आरएसएस या किसी अन्य संगठन पर प्रतिबंध लगा रहे हैं? हम केवल सार्वजनिक स्थानों और सरकारी स्कूलों में प्रक्रिया को अधिसूचित कर रहे हैं।”

TAGGED:Karnataka government orderpriyank khargerssRSS banTop_News
Previous Article Pankaj Jha CM साय के मीडिया सलाहकार पंकज झा को मिला कैबिनेट मंत्री का दर्जा
Next Article Urban Naxal अर्बन नक्सल पर PM के बयान के बाद पूर्व CM का जवाब, पढ़िए क्यों कहा – नक्सलवाद की सबसे ज्यादा कीमत कांग्रेस ने चुकाई?
Lens poster

Popular Posts

जातीय जनगणना के पहले कांग्रेस के ओबीसी नेताओं का बड़ा जमावड़ा

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी आज दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में ओबीसी नेतृत्व भागीदारी न्याय सम्मेलन…

By आवेश तिवारी

लू की चपेट में उत्तर भारत: जम्मू से मध्य प्रदेश तक गर्मी का कहर, 12 जून तक अलर्ट

द लेंस डेस्क। AAJ KA MAUSAM उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में इन…

By Lens News

13 साल बाद

बहुचर्चित कॉमनवेल्थ खेल घोटाले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित क्लोजर रिपोर्ट प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)…

By Editorial Board

You Might Also Like

CG cabinet controversy
छत्तीसगढ़

नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल को एक मंत्री हटाने लिखा पत्र, कहा – नियम विपरीत है चौदहवां मंत्री

By दानिश अनवर
स्क्रीन

विक्रम भट्ट गिरफ्तार, 30 करोड़ की बायोपिक धोखाधड़ी में साली के घर से पकड़े गए मशहूर फिल्ममेकर

By पूनम ऋतु सेन
Raipur fake silver loot
छत्तीसगढ़

जुए में गंवाए लाखों रुपये तो रच दी  86 किलो चांदी लूट की कहानी

By अरुण पांडेय
NIA raids in Bastar
छत्तीसगढ़

NIA ने सुकमा-दंतेवाड़ा में 12 ठिकानों पर छापेमारी

By दानिश अनवर

© 2025 Rushvi Media LLP. 

Facebook X-twitter Youtube Instagram
  • The Lens.in के बारे में
  • The Lens.in से संपर्क करें
  • Support Us
Lens White Logo
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?