Nobel Peace Prize 2025 की घोषणा आज दोपहर 2:30 बजे (भारतीय समय) ऑस्लो, नॉर्वे में होने वाली है। नॉर्वे की नोबेल समिति ने पुष्टि की है कि इस साल 338 उम्मीदवारों को नामांकित किया गया है जिनमें 244 व्यक्ति और 94 संगठन शामिल हैं। परंपरा के अनुसार, नामांकित उम्मीदवारों के नाम 50 वर्षों तक गोपनीय रहेंगे, लेकिन कुछ नामांकन सार्वजनिक हो चुके हैं। इस बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी दावेदारी को लेकर खासा सुर्खियां बटोरी हैं।
नोबेल शांति पुरस्कार क्या है?
नोबेल शांति पुरस्कार विश्व का एक प्रतिष्ठित सम्मान है जिसकी स्थापना स्वीडिश उद्योगपति अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के अनुसार 1901 में हुई थी। उनकी इच्छा थी कि यह पुरस्कार उस व्यक्ति या संगठन को दिया जाए, जिसने “राष्ट्रों के बीच भाईचारे, युद्ध की समाप्ति या कमी, और शांति सम्मेलनों को बढ़ावा देने में सबसे अधिक योगदान दिया हो।” यह पुरस्कार नॉर्वे की संसद द्वारा नियुक्त पांच सदस्यीय समिति द्वारा दिया जाता है। नामांकन की प्रक्रिया के बाद, समिति कुछ चुनिंदा उम्मीदवारों की जांच करती है और बहुमत के आधार पर अंतिम विजेता का चयन करती है।
अन्य नोबेल पुरस्कारों के विपरीत यह पुरस्कार स्वीडन के बजाय ऑस्लो में हर साल 10 दिसंबर को प्रदान किया जाता है।
डोनाल्ड ट्रम्प की दावेदारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि उन्होंने वैश्विक संघर्षों को रोकने और समाप्त करने में ऐतिहासिक योगदान दिया है। हाल ही में इजरायल और हमास के बीच गाजा में युद्धविराम और बंधकों की रिहाई के समझौते के बाद व्हाइट हाउस ने ट्रम्प को “शांति का राष्ट्रपति” करार दिया। ट्रम्प को कई प्रमुख हस्तियों और नेताओं ने नामांकित किया है, जिनमें शामिल हैं:इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर, कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेत, अमेरिकी सांसद बडी कार्टर, स्वीडन और नॉर्वे के कुछ सांसद
हालांकि, ट्रम्प की दावेदारी में एक बड़ी अड़चन है। नोबेल समिति के नियमों के अनुसार नामांकन 1 फरवरी 2025 तक जमा करना अनिवार्य था। नेतन्याहू और पाकिस्तानी सरकार द्वारा किए गए नामांकन इस समय सीमा के बाद आए, जिसके कारण वे इस साल के लिए अमान्य हैं। इसके अलावा समिति के उप-नेता अस्ले तोजे ने कहा कि “सार्वजनिक प्रचार या प्रभाव डालने की कोशिश नकारात्मक प्रभाव डालती है। हम गोपनीय और निष्पक्ष तरीके से काम करते हैं।
अन्य प्रमुख उम्मीदवार
इस साल कोई स्पष्ट विजेता नहीं है लेकिन कई नाम चर्चा में हैं:
सूडान की इमरजेंसी रिस्पॉन्स रूम्स: युद्ध और अकाल के दौरान नागरिकों की मदद करने वाला स्वयंसेवी नेटवर्क।
यूलिया नवलनाया: रूसी विपक्षी नेता अलेक्सई नवलनी की पत्नी, जिनकी कथित तौर पर जहर देने से मृत्यु हो गई।
संयुक्त राष्ट्र के संगठन: जैसे UNHCR (शरणार्थी सहायता), UNRWA (फिलिस्तीनी शरणार्थी सहायता), और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC)।
पत्रकारिता संगठन: कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स और रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स, जो पत्रकारों की सुरक्षा के लिए काम करते हैं।
इमरान खान: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री, जिन्हें मानवाधिकार और लोकतंत्र के लिए काम के लिए नामांकित किया गया।
अनवर इब्राहिम: मलेशिया के प्रधानमंत्री, जिन्होंने थाईलैंड-कंबोडिया युद्धविराम में मध्यस्थता की।
एलन मस्क: टेस्ला के सीईओ, जिन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए नामांकित किया गया।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों का मानना है कि समिति उन उम्मीदवारों को चुन सकती है जो शांतिपूर्ण सहयोग और दीर्घकालिक समाधान को बढ़ावा देते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में कुछ विश्लेषकों ने संकेत दिया है कि यदि ट्रम्प की गाजा या यूक्रेन में कूटनीतिक पहल लंबे समय तक प्रभावी रहती है तो भविष्य में उनकी दावेदारी मजबूत हो सकती है।
2025 नोबेल शांति पुरस्कार का विजेता आज दोपहर घोषित किया जाएगा। दुनिया भर की निगाहें इस ऐलान पर टिकी हैं कि इस साल कौन सा व्यक्ति या संगठन इस प्रतिष्ठित सम्मान का हकदार होगा।

