भोपाल। मध्य प्रदेश लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को लोक निर्माण विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर जीपी मेहरा (GP Mehra) के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में 4 ठिकानों पर छापेमारी की।
इस दौरान मेहरा के भोपाल स्थित घर से लगभग 3 करोड़ रुपए का सोना, नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर तहसील के ग्राम सैनी में फार्महाउस से 17 टन शहद और कई करोड़ की बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए गए।
जांच एजेंसी ने मेहरा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
लोकायुक्त के विशेष निदेशक ने बताया, ‘मेहरा ने अपने और परिजनों के नाम पर भोपाल, नर्मदापुरम और सोहागपुर में नामी व बेनामी संपत्तियां खरीदी हैं। प्रारंभिक सत्यापन में आरोप सही पाए गए, इसलिए छापे मारे गए।’
छापेमारी के दौरान टीम को मुंबई के पॉश इलाके में एक फ्लैट समेत कई प्रॉपर्टियों के कागजात मिले, जिनकी कीमत करोड़ों में बताई जा रही है। फार्महाउस में रखे 17 टन शहद के स्टॉक पर भी सवाल उठे हैं, क्योंकि मेहरा का इससे कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। सोने की जब्ती के बाद प्रॉपर्टी की विस्तृत लिस्ट तैयार की जा रही है।
मेहरा पर विभाग में तैनाती के दौरान रिश्वतखोरी और अनियमितताओं के कई आरोप हैं। छापे में मिली संपत्तियां उनकी ज्ञात आय से कहीं अधिक हैं।
लोकायुक्त ने कहा, ‘जांच पूरी होने पर सभी बेनामी संपत्तियों को जब्त किया जाएगा और दोष सिद्ध होने पर सख्त कार्रवाई होगी।’
मेहरा के खिलाफ पहले भी शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, लेकिन यह कार्रवाई सबसे बड़ी है।
यह घटना मध्य प्रदेश सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के बढ़ते मामलों को उजागर करती है। विपक्षी दलों ने इसे सरकार की विफलता बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, जबकि प्रशासन ने कहा कि कोई भी भ्रष्टाचारी कानून के दायरे से बाहर नहीं है। मामले की आगे की कार्रवाई जारी है।
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