[
The Lens
  • होम
  • लेंस रिपोर्ट
  • देश
  • दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • बिहार
  • आंदोलन की खबर
  • सरोकार
  • लेंस संपादकीय
    • Hindi
    • English
  • वीडियो
  • More
    • खेल
    • अन्‍य राज्‍य
    • धर्म
    • अर्थ
    • Podcast
Latest News
कफ सीरप तस्करी के आरोपी बाहर, अमिताभ ठाकुर सलाखों में
ऑपरेशन सिंदूर के दाग भूल भारत ने की चीनियों की आवाजाही आसान
AIIMS रायपुर को सिंगापुर में मिला ‘सर्वश्रेष्ठ पोस्टर अवॉर्ड’
डीएसपी पर शादी का झांसा देकर ठगी का आरोप लगाने वाले कारोबारी के खिलाफ जारी हुआ गिरफ्तारी वारंट
11,718 करोड़ की लागत से होगी डिजिटल जनगणना, 1 मार्च 2027 को आधी रात से होगी शुरुआत
तेलंगाना पंचायत चुनाव: कांग्रेस समर्थित उम्‍मीदवारों की भारी जीत, जानें BRS और BJP का क्‍या है हाल?
MNREGA हुई अब ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना’, जानिए कैबिनेट ने किए और क्‍या बदलाव ?
उत्तर भारत में ठंड का कहर, बर्फबारी और शीतलहर जारी, दिल्ली में ठंड और प्रदूषण की दोहरी मार
इंडिगो क्राइसिस के बाद DGCA ने लिया एक्शन, अपने ही चार इंस्पेक्टर्स को किया बर्खास्त,जानिये क्या थी वजह
ट्रैवल कारोबारी ने इंडिगो की मनमानी की धज्जियां उधेड़ी
Font ResizerAa
The LensThe Lens
  • लेंस रिपोर्ट
  • देश
  • दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • बिहार
  • आंदोलन की खबर
  • सरोकार
  • लेंस संपादकीय
  • वीडियो
Search
  • होम
  • लेंस रिपोर्ट
  • देश
  • दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • बिहार
  • आंदोलन की खबर
  • सरोकार
  • लेंस संपादकीय
    • Hindi
    • English
  • वीडियो
  • More
    • खेल
    • अन्‍य राज्‍य
    • धर्म
    • अर्थ
    • Podcast
Follow US
© 2025 Rushvi Media LLP. All Rights Reserved.
लेंस संपादकीय

नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्टः जरूरत और मेहरबानियां

Editorial Board
Editorial Board
Published: October 8, 2025 8:15 PM
Last updated: October 8, 2025 8:15 PM
Share
Navi Mumbai International Airport
SHARE

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नवी मुंबई में नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया है, इससे निश्चिय ही देश की आर्थिक राजधानी के छत्रपति महाराज शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ता दबाव कम होगा और यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

दरअसल तीन दशक पहले नवंबर, 1997 में इंद्र गुजराल की अगुआई वाली संयुक्त मोर्चा के समय मुंबई में एक नए एयरपोर्ट की जरूरत महसूस की गई थी और अब तीन दशक बाद नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में देश को एक नया हवाई अड्डा मिला है, तो निश्चय ही यह आधारभूत संरचना की दिशा में एक बड़ा कदम है।

हालांकि इस तस्वीर का दूसरा पहलू यह भी है कि इसके प्रबंधन का जिम्मा अडानी समूह से जुड़ी अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग लिमिटेड (एएएचएल) के पास है और अब उसके पास देश के आठ हवाई अड्डों का जिम्मा है, जिनमें से सात अन्य हवाई अड्डे हैं- अहमदाबाद, मंगलुरू, जयपुर, गुवाहाटी, लखनऊ, तिरुवनंतपुरम और मुंबई एयरपोर्ट।

बीते 11 सालों में मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान अडानी समूह का यह विकास वाकई हैरान करने वाला है, तो इसके पीछे कुछ गंभीर सवाल भी हैं। हैरत नहीं होनी चाहिए कि अगस्त 2019 में अस्तित्व में आए एएएचएल के पास आज जिन हवाई अड्डों का जिम्मा है, वहां से देश के कुल एक चौथाई यात्री उड़ान भरते हैं और यही नहीं, इन्हीं हवाई अड्डों से 33 फीसदी माल की आवाजाही होती है।

बेशक, एएएचएल को टेंडर की प्रक्रिया के जरिये ही सफल बोली लगाने की वजह से ये हवाई अड्डे मिले हैं, लेकिन गौर करने वाली बात है कि जब कैबिनेट ने नवंबर 2018 में इनमें से छह हवाई अड्डों के निजीकरण का फैसला किया था, तब यह कंपनी अस्तित्व में ही नहीं थी!

सवाल तब इसलिए उठे थे, क्योंकि हवाई अड्डों के निजीकरण के लिए पीपीपी एप्रवूल कमेटी यानी पीपीपीएसी ने यह शर्त हटा ली कि जिस कंपनी के पास पूर्व अनुभव नहीं है, वह भी इसमें बोली लगा सकती है। यही नहीं, उसने यह शर्त भी हटा ली कि किसी कंपनी को दो से अधिक हवाई अड्डे नहीं दिए जा सकते।

उस वक्त मीडिया में खबरें आई थीं कि वित्त मंत्रालय और नीति आयोग इन ढीलों के खिलाफ थे। हैरत नहीं कि एएएचएल को अस्तित्व में आने के कुछ महीने के भीतर ही उसे छह हवाई अड्डे दिए गए जिनमें रणनीतिक महत्व के साथ ही सर्वाधिक मुनाफा कमाने वाले हवाई अड्डे भी थे!

बेशक, 1991 के आर्थिक उदारीकरण के बाद देश में निजीकरण के लिए रास्ता खुला है, और उसका लाभ भी आर्थिक विकास और आम लोगों की जिंदगी में आए बदलाव के रूप में दिखता है।

सच यह भी है कि उसके बाद की सारी सरकारें भी उसी राह पर चलती आई हैं, लेकिन जिस तरह से मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद एक दो उद्योगपतियों का एकाधिकार बढ़ा है, उस पर सवाल उठते हैं, तो यह लाजिमी है। कंपनियों के अस्तित्व में आने से पहले ही यदि उनके अनुकूल नियम कायदों में ढील दी जाए, तो उससे नीति के साथ ही नीयत पर भी शक पैदा होता है।

यह भी देखें: बोधघाट परियोजनाः मुरिया दरबार में उठी आवाज सुनें

TAGGED:AdaniEditorialNarendra ModiNavi Mumbai International AirportNMIA
Previous Article Durg nun case : नारायणपुर की युवतियों को कब मिलेगा न्याय ?
Next Article Andhra Pradesh firecracker factory Fire पटाखा फैक्‍ट्री में आग, छह मजदूरों की मौत
Lens poster

Popular Posts

भुवनेेेश्‍वर के KIIT में एक छात्रा की मौत से फिर उठे कैम्पस पर सवाल

देश के कॉलेज कैम्पस एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह बेहद…

By पूनम ऋतु सेन

15 साल पहले पन्ने पर छाए रहे अब क्यों भीतर नजर आए डॉ.रमन सिंह?

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रायपुर प्रवास के दौरान मीडिया कवरेज की एक दिलचस्प तस्वीर…

By दानिश अनवर

नक्सल संगठन ने माओवादी कमलू पुनेम को बताया ‘अवसरवादी’ और ‘डरपोक’, कहा – पार्टी के 2 लाख लेकर भागा

बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में लगातार नक्सलियों के आत्मसमर्पण से बौखलाए माओवादी संगठन ने एक…

By बप्पी राय

You Might Also Like

Raipur Mushroom Factory News
English

Nothing to cover our collective shame

By Editorial Board
MUMBAI TRAIN BLAST CASE
English

Law enforcement and justice delivery both have turned dysfunctional

By Editorial Board
RBI Repo Rate Cut
लेंस संपादकीय

कर्ज के भरोसे

By Editorial Board
छत्तीसगढ़

शिक्षा का सांप्रदायिकरण, 89 हजार सरकारी स्कूल बंद! जानिए, सोनिया गांधी ने और क्‍या-क्‍या कहा  

By अरुण पांडेय

© 2025 Rushvi Media LLP. 

Facebook X-twitter Youtube Instagram
  • The Lens.in के बारे में
  • The Lens.in से संपर्क करें
  • Support Us
Lens White Logo
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?